दुबई शहर की रोचक जानकारी | दुबई एयरपोर्ट, करेंसी और बुर्ज खलीफा

Dubai City in Hindi

दुबई शहर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सात रियासतों में से एक है। सभी रियासतों/अमीरातों में दुबई सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है क्योंकि पिछले कुछ दशकों में यह शहर एक वैश्विक नगर और व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है।

दुबई क्षेत्रफल के लिहाज से अबू धाबी के बाद UAE की दूसरी सबसे बड़ी रियासत है।

UAE की सभी रियासतें कुछ कानून और व्यवस्थाएं एक संघीय ढांचे के भीतर साझा करते हैं, तो वहीं सभी रियासतों को कुछ नागरिक कानून और व्यवस्थाओं को अपने अनुसार रखने का अधिकार है।

जहां मध्य-पूर्व के कई देशों की अर्थव्यवस्था मूलतः तेल और प्राकृतिक गैस पर निर्भर है, तो वहीं दुबई शहर इसका अपवाद है। तेल और प्राकृतिक गैस उद्योग का दुबई की GDP में 1% से भी कम योगदान है। दुबई सरकार की आय मुख्यतः पर्यटन, जायदाद और वित्तीय सेवाओं से होती है।

दुबई में कई निर्माण योजनाओं और खेल आयोजनों के चलते यह शहर दुनियाभर में प्रसिद्ध है। भारत समेत दक्षिण एशिया से लाखों मज़दूर दुबई जाकर अपना रोज़गार कमा रहे हैं।

भारत में कई लोग दुबई के बारे में जानना चाहते हैं और कई तो यहां जाकर अपना किस्मत आज़माना चाहते हैं। यह सभी जानकारियाँ आपको इस लेख में मिलेंगी।

दुबई एयरपोर्ट

दुबई में कुल तीन एयरपोर्ट हैं-

  1. Dubai International Airport (DXB)
  2. Dubai World Central International Airport (DWC)
  3. Al Minhad Air Base

इनमें से पहले दो एयरपोर्ट ही passenger traffic के लिए हैं जबकि तीसरा airport सिर्फ सेना द्वारा प्रयोग में लाया जाता है।

यहां हम आपको सिर्फ पहले एयरपोर्ट ‘Dubai International Airport‘ के बारे में बताएँगे क्योंकि अगर पहले आपने जिस दुबई एयरपोर्ट की ख़ासियत को सुन रखा है, वो यही है।

इसकी ख़ासियत के कई कारण भी है, क्योंकि यह एयरपोर्ट international passenger traffic के हिसाब से दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। इसके सिवाए यह passenger traffic के लिहाज से भी दुनिया का 5वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। इसका मतलब है कि यातायात भले ही एक देश में हो या इंटरनेशनल, दोंने ही passenger traffic को मिलाकर यह 5वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। जबकि सिर्फ international passenger traffic के हिसाब से यह पहले स्थान पर आता है।

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए हर साल करीब 9 करोड़ लोग यात्रा करते हैं।

दुबई की करेंसी

दुबई समेत पूरे संयुक्त अरब अमीरात की करेंसी दिरहम (dirham) है। दिरहम का code AED है, जिसकी full form है – Arab Emirate Dirham.

जैसे हमारे एक रूपए में 100 पैसे होते हैं, वैसे ही एक दिरहम में 100 fils होते हैं।

दिरहम के 5,10, 20, 50, 100, 200, 500 और 1000 तक के नोट छापे जाते हैं। नोटों की सीधी तरफ अरबी लिपि में लिखा हुआ है जबकि उल्टी और English में।

अगर सिक्कों की बात की जाए, तो एक दिरहम के सिवाए 25 और 50 fils के सिक्के आम प्रचलन में हैं।

दुबई की यह करेंसी मई 1973 में पहली बार प्रचलन में आई थी – UAE संघ की स्थापना के 18 महीने बाद।

भारतीय रूपए की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऊपर-नीचे होती रहती है जबकि 1997 से ही अमेरिकी डॉलर और UAE दिरहम के बीच rate fix है। इस rate के मुताबिक 1 अमेरिकी डॉलर में 3.6725 दिरहम होंगे।

1 USD = 3.6725 AED

बुर्ज खलीफा दुबई

Burj Khalifa Dubai

दुबई अपनी बुर्ज खलीफा इमारत के लिए भी काफी प्रसिद्ध है, क्योंकि यह इमारत दुनिया की सबसे ऊँची इमारत है।

बुर्ज खलीफा 828 मीटर ऊँची है और इसमें 163 मंज़िलें हैं।

अगर बुर्ज खलीफा पर लगे एंटेना की ऊँचाई को भी जोड़ लिया जाए, तो इसकी कुल ऊँचाई 829.8 मीटर बनती है।

दुबई की बुर्ज खलीफा का निर्माण साल 2004 में शुरू हुआ था और 2010 में यह इमारत कामकाज के लिए खोल दी गई।

इस इमारत का निर्माण दुबई सरकार की उस योजना का एक छोटा सा हिस्सा है, जिसके तहत दुनिया का ध्यान दुबई की ओर खींचा जाए, ताकि यहां पर्यटन आदि को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक चलने वाले विश्वसनीय स्रोतों पर टिकाया जा सके।

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