बैक्टीरिया जा जीवाणु क्या होते हैं? जीवाणुओं से जुड़े 25 मज़ेदार तथ्य जानिएं

Bacteria in Hindi

बैक्टीरिया जिन्हें हम हिंदी में जीवाणु कहते है, छोटे-छोटे एककोशिकीय जीव (Unicellular organisms) हैं जो पूरी पृथ्वी पर हर जगह पाए जाते है। यह मिट्टी में, पानी में, पृथ्वी के अंदर गहराई में, पौधों में, जीवों में और हमारे शरीर में भी पाए जाते हैं।

बैक्टीरिया जा जीवाणु पूरे जीव मंडल का एक अहम हिस्सा है। आइए आपको इनके बारे में कुछ रोचक और मज़ेदार तथ्य बताते हैं-

1. हमारे शरीर में मौजूद सभी जीवाणुओं का कुल वज़न लगभग डेढ़ किलो होता है।

2. आपके मुंह में कुल जीवाणुओं की संख्या मनुष्यों की कुल आबादी से ज्यादा है।

3. हाल ही में वैज्ञानिकों ने हमारी नाभि में 1458 प्रकार के नए जीवाणुओं की किस्मों की खोज़ की है।

4. एक साफ़-सुथरें मुंह में भी हर एक दांत पर 1 हज़ार से 1 लाख तक बैक्टीरिया हो सकते हैं।

5. एक जीवाणु का आकार 0.5–5.0 micrometers तक होता है और इनकी आकृति गोल या चक्राकार से लेकर छड़, आदि आकार की हो सकती है। (1 meter में 10 लाख micrometers होते हैं।)

6. पानी को साफ़ करने के लिए अगर हम उसमें क्लोरीन मिला दें तो उसका असर 6 महीने तक रहता है। इसके बाद पानी में बैक्टीरिया बढ़ने लगते है।

7. एक सामान्य नोट पर 3 हज़ार प्रकार के लाखों बैक्टीरिया होते है। हालाकि हमारे मोदी जी के नए नोटों पर इनकी संख्या कम हो सकती है। 🙂

8. दूध से दही का बनना भी एक जीवाणु के कारण होता है। इस जीवाणु का नाम है – लैक्टोबैसिल्ली (Lactobacilli)।

9. चीज़ों को सड़ा गला कर खाद की शक्ल देना भी बैक्टीरिया द्वारा ही होता है। अगर बैक्टीरिया ना हो तो गली सड़ी चीजों का खाद बनना मुश्किल है।

10. अनेक प्रकार के परजीवी जीवाणु कई रोग उत्पन्न करते हैं, जैसे – हैजा, मियादी बुखार, निमोनिया, तपेदिक और प्लेग इत्यादि। सिर्फ तपेदिक रोग से प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है।

11. सभी बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते हैं। कुछ बैक्टीरिया हमारे लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। पाचन तंत्र को कुछ बैक्टीरिया की आवश्यकता होती है।

12. नासा के वैज्ञानिकों ने उनके द्वारा खोजे गए एक नए जीव को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और अंतरिक्ष वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर ‘कलामी‘ नाम दिया है। अभी तक यह जीवाणु सिर्फ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में ही मिलता था। यह पृथ्वी पर नहीं पाया जाता था।

13. जब दो लोग एक दूसरे को Kiss करते है, तो दोनों में एक करोड़ से लेकर 10 करोड़ तक जीवाणुओं का ट्रांसफर हो जाता है।

14. ज्यादातर एंटीबायोटिक दवाएं (antibiotics) जीवाणुओं से ही तैयार की गई हैं।

15. एक Office Desk पर एक Toilet Sheet के मुकाबले 400 गुणा ज्यादा जीवाणु होते हैं। और आपके Mobile पर भी Toilet Sheet के मुकाबले 18 गुणा ज्यादा जीवाणु होते है और Keyboard पर 200 गुणा ज्यादा।

16. पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली जीव गोनोरिया (gonorrhea) नाम का बैक्टीरिया है जो अपने वज़न से 1 लाख गुणा ज्यादा वज़न उठा सकता है। मनुष्यों में यह सेक्स रोग का कारण बनता है। असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन आपके गले, मुत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है।

17. जिन जगहों पर काम करने वालों में पुरूषों की संख्या ज्यादा हो वहां पर जीवाणुओं की संख्या भी ज्यादा होती है।

18. साल 2013 में न्युजीलैंड में एक ऐसा बैक्टीरिया पाया गया था जो हर तरह की एंटीबायोटिक दवाई को बेअसर कर सकता है।

19. नए जन्म लेने वाले बच्चों के शरीर में एक भी बैक्टीरिया नहीं होता है।

20. अश्वनाल एक समुंद्री केकड़े की किस्म है जिसका खून 9 लाख रूपए प्रतिलीटर तक बिकता है क्योंकि वो बैक्टीरिया का पता आसानी से लगा सकता है।

21. आपने यह तो सुना होगा कि गंगा नदी का का पानी कभी खराब नहीं होता, तो इसका कारण भी जान लीजिए। वैज्ञानिकों का कहना है कि गंगा के पानी में ऐसे बैक्टीरिया हैं, जो पानी को सड़ाने वाले कीटाणुओं को पनपने नहीं देते और जिस कारण यह लंबे समय तक खराब नहीं होता।

22. बिना माइक्रोस्काॅप के हम बैक्टीरिया को नही देख सकते। लेकिन एक-दो ऐसे भी है जो नंगी आंखो से देखे जा सकते है।

23. धरती पर मिलने वाले जीवों में सबसे छोटी आंखे बैक्टीरिया की होती है। लेकिन शरीर के आकार के हिसाब से सबसे बड़ी होती है।

24. एक घंटे तक हेड फोन लगाकर गाने सुनने से कानों में बैक्टीरिया की संख्या 700 गुना तक बढ़ जाती है।

25. पसीने की कोई स्मैल नही होती। जब इसमें जीवाणु मिल जाते है तब बदबू आने लगती है।

Note : अगर आपके पास Bacteria in Hindi के बारे में और Information हैं, या दी गयी जानकारी में कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें Comment में लिखे। हम इसे Update करते रहेंगे।

21 thoughts on “बैक्टीरिया जा जीवाणु क्या होते हैं? जीवाणुओं से जुड़े 25 मज़ेदार तथ्य जानिएं”

  1. बैक्ट्रिया के बारे में हमें ये बताए कि ये बनता केसे है और इसके cell wall kesa hota hai

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  2. Hii sahil ji mujhe Helcobector pylori becteria ke baare me jaanna tha aapse .sir me pichle 3yr se h pylori bectria se paresaan hu.mere abdomen me bhookh ka ehsaas nhi hota or digestive ki problem h mera no h 98275*****

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    • आपको किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए दलीप जी। इसके सिवाए हम इस बैक्टीरिया के बारे में जानकारी पोस्ट करने की कोशिश करेंगे।

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  3. Sir ear phone se Gane sunane par kewal kan ko hi kharab kar sakta hai? Koi aur body ke part ko kharab kar sakta hai to please bataye

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    • मृत्युंजय जी, हेडफोन से कानों के सिवाए सिर पर भी असर पड़ता है। लेकिन यह इस बात पर भी डिपेंड है कि आप किस प्रकार की चीजें सुनते है। जैसे कि अगर आप गाने वगैरह सुनते है, तो तो हेडफोन हर रोज 15 मिनट से ज्यादा उपयोग नहीं करने चाहिएं। लेकिन अगर आप पढ़ाई वगैरह के वीडियो देखते हों, तो आप कम से कम 2 घंटे तक तो उपयोग कर ही सकते हों।

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  4. नमस्ते साहिल जी मेरा नाम मुकुल है , मै आज पहली बार आपकी इस वेबसाइट से ज़ुरा हूँ और आपका ये पोस्ट मुझे बहूत अच्छा लगा !

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  5. बहुत अच्छी पोस्ट की sir आपने. Mene bhi bhut dino pahle hi adnow k ads remove kr diye meri site se kyoki eski cpc adsense se bhi km hai

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  6. नमस्ते साहिल जी, कैसे हैं आप? मैं किसी कारणवश 2 महीने इन्टरनेट से दूर रहा .. लेकिन जब वापिस आया तो मैंने देखा की मेरे ब्लॉग का ट्रैफिक आधे से भी कम रह गया.. लेकिन अलेक्सा रैंक में सुधार हुआ.. इससे यह तो पता चल गया की अलेक्सा रैंक झूठी रैंकिंग देता हैं… क्योंकि लगभग 2 महीने से इन्टरनेट से दूर रहने और ब्लॉग को अपडेट न करने की वजह से एक तो मेरी इनकम और ट्रैफिक दोनों ही आधे रह गये हैं…

    लेकिन एक बात और मैंने नोटिस की adnow वालो ने भी मुझे कम रेट देने लगे हैं… आज आपके ब्लॉग पर भी adnow के विज्ञापन दिखाई नहीं दे रहे हैं? क्या बात हैं क्या adnow वाले आपको भी कम कीमत दे रहे हैं?

    ब्लॉग्गिंग के फील्ड में मैं आगे बढ़ रहा था.. लेकिन कुछ पारिवारिक वजहों और मानसिक अस्थिरता के चलते ब्लॉग्गिंग और इन्टरनेट से दूर रहने के कारण, मेरा ब्लॉग्गिंग कैरियर , एक बार फिर से अँधेरे में जा रहा हैं…

    ऐसी ही स्थिथि का सामना मैंने सितम्बर 2016 से लेकर दिसम्बर 2016 तक किया था.. उस समय भी मेरे ब्लॉग्गिंग अन्धकार में जा रही थी, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और ब्लॉग्गिंग करता रहा.. और जनवरी 2017 आते ही सब कुछ ठीक होने लगा… अप्रैल तक मेरी ब्लॉग्गिंग को अब पंख लगने वाले ही थे… लेकिन कुछ निज्जी उलझनों के चलते करीब 2 महीने मैं इन्टरनेट से दूर रहा और जब वापिस आया तो एक बार फिर से खुद को उचाईयों से गिरा हुआ पाया….

    यह मेरी दूसरी बार हैं की जब मैं आगे बढ़कर , फिर से पीछे हो गया हूँ… प्लीज आप बताये मैं अब क्या करू… दोबारा से फिर से गिरकर कैसे खडा होऊ…

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    • नमस्ते कबीर जी, मैं आपको नहीं भूल सकता क्योंकि मुझे आपकी वजह से ही ADNOW के बारे में पता चला था। मैंने आज सुबह ही इसके विज्ञापन हटाएं है क्योंकि यह बेहद कम रेट देने लगा था जबकि मेरी ट्रैफिक उतनी ही है।

      मेरे ब्लॉगिंग करियर में भी कई बार ऐसा हुआ कि मैं Downfall की तरफ गया। मेरा तो दो साल का गैप रह चुका है पर मैने हार नहीं मानी और ब्लॉगिंग में एक तरह से अपनी सीट पक्की कर चुका हुँ।

      मैने मई 2013 में अपना ब्लॉग ब्लॉगर पर शुरु किया था पर जनवरी 2014 में अपनी पढ़ाई की वजह से छोड़ दिया और फिर जाकर मार्च 2015 में शुरूआत की। और आज नतीजा आपके सामने है।

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      • क्या Adnow के विज्ञापन हटा लेने के बाद एडसेंस की कमाई में वृद्धि हुई हैं… मतलब की क्या adnow के विज्ञापन हटाने के बाद गूगल से ज्यादा कमाई हो रही हैं?

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        • अभी तक तो कोई फर्क नहीं दिखा कबीर जी। पर मैं चाहता हुँ कि पहले मैं अपनी ट्रैफिक 25 प्रतीशत और बढ़ा लुँ और फिर Adnow के विज्ञापन लगाऊँ।

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