टीवी चैनल Ads दिखाने का कितना पैसा लेते हैं ? आप भी जानिएं ।

tv par ad dikhane ka kitna paise

दुनिया भर में सुरक्षा के बाद सबसे ज्यादा पैसा Advertising पर ही खर्च किया जाता है। Advertising करने के कई तरीके है जिनमें से टीवी पर विज्ञापन दिखाना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।

आप बचपन से टीवी देखते आए है और बीच-बीच में आने वाले ब्रेक यानि कि विज्ञापन आपको जरूर बोर करते होगें, पर इन विज्ञापनों से ही Channels को कमाई होती है। पर कितनी ? यह हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे।

10 सैकेंड के हिसाब से होता है विज्ञापन दिखाने का रेट

टीवी पर एड दिखाने का कोई फिक्स रेट नही है, हर चैनल का अपना एक अलग रेट है जिसे वो 10 सैकेंड के हिसाब से तय करता है। मान लीजिए अगर कोई चैनल 10 सैकेंड के एड के लिए 1 लाख रूपए लेता है तो 18 सैकेंड के एड के लिए वो 1 लाख 80 हज़ार रूपए लेगा और 7 सैकेंड के एड के लिए 70 हज़ार रूपए लेगा।

विज्ञापन दिखाने का रेट कई कारणों पर निर्भर करता है, जो इस तरह से हैं-

एड दिखाने का समय

tv par ad dikhane ka kitna paise lagte hai

आमतौर सुबह – सुबह 7 बज़े से 10 बज़े के बीच बहुत कम लोग टीवी देखते है, इसलिए उस समय एड दिखाने का रेट कम होगा है, पर अगर बात न्यूज़ चैनलों की की जाए तो वो सुबह एड दिखाने का ज्यादा पैसा लेते है।

इसी तरह से रात 8 बज़े से 11 बज़े तक एड दिखाने का रेट सबसे ज्यादा वसूला जाता है क्योंकि उस समय ज्यादा लोग टीवी देख रहे होते है।

चैनल

लोकप्रिय चैनल (Zee Tv, Sony Tv, Star Plus etc.) एड दिखाने के ज्यादा पैसे लेते है और क्षेत्रीय (Mahuaa Tv, PTC News etc.) चैनल कम, क्योंकि लोकप्रिय चैनलों को ज्यादा लोग देखते है।

लोकप्रिय चैनल दिन के समय 10 सैकेंड का कम से कम 10 से 50 हज़ार लेते है और रात के समय 3 से 7 लाख तक। इसी तरह से क्षेत्रीय चैनल दिन के समय सिर्फ 1000 से 5000 रूपए तक ही लेते है और रात के समय 10 हज़ार से 50 हजार तक।

प्रोग्राम

अलग-अलग प्रोगामों के हिसाब से भी एड के पैसे तय किए जाते है। जैसे कि Kapil Sharma Show के समय एड दिखाने लिए Sony Channel बाकी प्रोग्रामों से ज्यादा पैसे लेता है (लगभग 15 से 20 लाख) क्योंकि उसे बड़ी तादाद में लोग देखते है।

एड का सबसे ज्यादा रेट लाइव किक्रेट मैच के समय होता है। उस समय 10 सैकेंड का रेट 10 से 15 लाख तक चला जाता है।

एड दिखाने वाली कंपनी को कितना फायदा होता होगा?

एड कंपनी विज्ञापन इसलिए दिखाती है ताकि उनके प्रोडक्ट ज्यादा से ज्यादा बिक सकें। एड दिखाने से कंपनी को कोई नुकसान नही होता क्योंकि विज्ञापनों पर होने वाले खर्च को वो प्रोडक्ट की कीमत में ही शामिल कर देती है।

आमतौर पर हर IPL के पहले मैच 5 करोड़ लोगो द्वारा देखे गए है, और मान लीजिए कोई कंपनी मैच के दौरान अपना एक विज्ञापन दिखाती जिसके चैनल 10 लाख रूपए लेता है। इस तरह से कंपनी सिर्फ 2 पैसे में अपने प्रोडक्ट की जानकारी एक व्यक्ति तक पहुँचा देती है जो कि एक अच्छा सौदा है। अगर विज्ञापन देखने वाला हर 100 में से 1 इंसान प्रोडक्ट को ख्रीद लेता है तो कंपनी का विज्ञापन का खर्चा उसमें से निकल आता है।

पर क्योंकि एक विज्ञापन को बार – बार दिखाया जाता है, इसलिए प्रति व्यक्ति तक विज्ञापन पहुंचाने का खर्चा बढ़ा जाता है, पर इससे उसे ख्रीदने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ जाती है जो कि कंपनी के लिए फायदेमंद ही रहती है।

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50 thoughts on “टीवी चैनल Ads दिखाने का कितना पैसा लेते हैं ? आप भी जानिएं ।”

  1. नमस्कार सर मेरा सवाल आपसे यह है की आपने यह तो बता दीया एक ऐड कितने पैसे लिए जाते हैं लेकिन उस ऐड में जो एक्टिंग करता है एक्टर या कोई मॉडल हो वह कितने पैसे लेता है उस रिकॉर्डिंग को बनाने के लिए जो प्रोडक्ट होता है इस को ऐड करता है वह कितने पैसे ले लेता होगा प्लीज रिप्लाई माय आंसर

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  2. sir i want to work in tv ads only one time i thinking very long time in about tv ads but impossible sir please help me. my contact no 70881*** and sir i m waiting i want to help for poor blinds people and others yes reply me sir.

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  3. sir mera ek question ka jawab digiye please. mera question hai-
    jaise ki kisi blackhole ke pass time dhire hota hai or black hole ki gravity tej hoti hai. or planets ki sun ke barycentre ke around elliptically ghumte hai. to kya ye possible hai ki pure solar system jab sagittarius A black hole ka revolution karta hai to kya earth par time, orbit me koi effect aata hai? agar nahi , to kyo? effect to anaa chahiye tha n?

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  4. i got holiday homework in hindi that “KISI SUGHANDHIT TEL(OIL) KA 25-30 WORDS ME VIGYAPAN DO” What should i do?

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  5. mera sawal hai ki channel ko ek add ko tv par per day kitni baar yaa phir ye kahe ki kisi live match ke doran star sports ek advertisment ko kitne baar repeat karta hai yya fir te shooting hone se pehle deside ho jata hai ki apka ye add hai isko hum ek match ke dorran 10-12 baar repeat karenge

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  6. sir muje hydrolic oil ka tv pe add dena h
    jo gaadiyo m pollutation ko kam karta h.
    hamara product h. Adblue
    plz send me inquary

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    • जिन टीवी चैनलों पर इनके गाने दिखाए जाते हैं, उनके मालिक इन्हें फंड करते हैं। मालिको को विज्ञापनों से बहुत आमदनी हो जाती है क्योंकि गानों का ज्यादातर खर्च Main Singer की फीस ही होता है, जबकि बाकी चीजों पर ज्यादा खर्च नही आता।

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  7. Sahil ji namaskar sir mujhe ye janna hai ki filmo me double role kaise karte hain jabki ek hi admi acting krta hai .esko vistar me btana .ye sawal mujhe kafi paresan kr diya hai aur mai avi tak samjh nhi paya please reply.

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    • मंदीप जी हर शॉर्ट को अलग अलग लिया जाता है। जिन सींस में दो एक्टर एक साथ दिखते है उन्हें जा को कंप्युटर द्वारा सेट किया जाता है जा फिर नकली दिखने वाले को खड़ा किया जाता है। एक बात और गोविंदा की सैंडविच फिल्म में जो बच्चे थे वो असल में जुड़वा ही थे।

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  8. Good morning Sahil…

    I have a request for you about cricket.I want to know that how many stickers does a cricketer can use on his bat?And I also want to know that how much salary is given to a player in matches(i.e. ODIs,Tests and T-20s?

    and more about cricket.Please Sahil,I’ll be very thankful to you by given some replies from you

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    • What is the match fees of an Indian cricketer? (2013)

      The players in the playing eleven of the team also get fee: Test Match: Rs 7 Lakh per match. One-Day Internationals: Rs 4 Lakh per match. Twenty20 Internationals: Rs 2 Lakh per match.

      How many stickers does a cricketer can use on his bat?

      No Guidelines.

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  9. बहुत अच्छी और तर्कपूर्ण जानकारी बरमूडा ट्रैंगल और बोधायन प्रेमीय और t v एड्स के बारे मे।
    मेरी बेटी का पश्न है कि gel pen की स्याही कैसै बनती है

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    • Thansks For Liking Posts.

      your answer.

      THINGS YOU’LL NEED TO MAKE INK JEL-

      1 ounce aloe vera gelGlass bowl1 ounce mica pigment powder5 drops ethyl alcohol Disposable stirring stick Glass jar with lid

      Steps :

      1. Microwave the aloe vera gel in the glass bowl on high for about one minute, so that the gel turns into a thin liquid.
      2. Stir in the mica pigment and alcohol. Choose a color of mica pigment to create the color ink you want, or mix pigment powders for a different shade. For example, a half ounce of blue mica powder, a quarter ounce of royal purple mica powder and a quarter ounce of white mica pearl powder creates a shimmery purple.
      3. Stir the hot mixture vigorously for about two minutes.
      4. Pour the colored liquid into the jar and allow it to sit uncovered for about two hours, or until completely cool. The result will be a colored gel.

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  10. Sir thanks for this information..
    Sir mera ek sawal bhi hai ki jaise sony chanal “the kapil sharma shows” ke samye aad ki keemat 15-20 laks leti hai aur koi aur shows jaise “cid” ke samye kuch aur to phir kisi product ka add yadi hame dono shows “the kpil sharma” aur “cid” ke samye karwana hai to phir sony chanal kitna legi..
    Aur jab sony chanal jo bhi rupya legi to wo kitne samye ke liye leti hogi. jaise 1din, 2din…….ya phir 1 month 1 year…plz sir

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    • यह पैसा हर एड के हिसाब से लिया जाता है जिसकी कुल फीस एक बार में ही चुका दी जाती है। सब पहले से तय होता है।

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  11. अच्छी जानकारी दी मुझे पहले पता नही था की इतने पैसे लगते है न ही कभी ध्यान दिया इस बात पर की ऐड का क्या रेट है धन्यवाद साहिल जी

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    • कोहरा ठंडी आर्द्र हवा में बनता है और इसके अस्तित्व में आने की प्रक्रिया बादलों जैसी ही होती है। गर्म हवा की अपेक्षा ठंडी हवा अधिक नमी लेने में सक्षम होती है और वाष्पन के द्वारा यह नमी ग्रहण करती है। ये वह बादल होता है जो भूमि के ऊपर हवा में ठहरा हुआ हो वह कोहरा नहीं होता बल्कि बादल का वह भाग जो ऊपरी भूमि के सपर्क में आता है, वह कोहरा कहलाता है। इसके अतिरिक्त कोहरा कई अन्य तरीकों से भी बनता है। लेकिन अधिकांश कोहरे दो श्रेणियों, एडवेक्शन फॉग और रेडिएशन फॉग में बदल जाते हैं। दोनों ही प्रकार में कोहरा हवा आम हवा से अधिक ठंडा मह्सूस होता है। ऐसा उसमें भरी हुई नमी के कणों के कारण होता है।

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  12. जी बहुत ही अच्छी जानकारी… इन विज्ञापनों की वजह से टी.वी. चैनल हो या फिर रेडियो चैनल और तो और इन्टरनेट की वेबसाइट तभी चल रही हैं … अगर किसी को कुछ लाभ ही नहीं होगा तो वह व्यर्थ में मेहनत क्यों करेगा…

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    • देवराज़ जी गलती पकड़ने के लिए धन्यवाद। असल में बात यह है कि मैं पंजाबी हुँ और दोनों भाषाओं में इतना कम फर्क है कि थोड़ी बहुत गलती का पता नही चलता।

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