2 करोड़ लोगों की हत्या करने वाले ” तैमूरलंग ” से जुड़ी 20 भयंकर बातें

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इतिहास ऐसे बहुत से खूनी और वहिशी दरिंदो से भरा पड़ा है जो कहने को तो बादशाह थे पर काम लुटेरों और हत्यारों से भी बढ़कर करते थे। इनमें से ही एक नाम है तैमूरलंग का, जो चौदहवी शताब्दी का एक शासक था जिसने तैमूरी राजवंश की स्थापना की थी। उसका राज्य पश्चिम एशिया से लेकर मध्य एशिया होते हुए भारत तक फैला था। भारत के मुग़ल साम्राज्य का संस्थापक बाबर तैमूर का ही वंशज था।

1. तैमूरलंग का जन्म 6 अप्रैल 1336 में उज्बेगिस्तान के शहर शहर-ऐ-सब्ज़ में हुआ था। तैमूर के पिता ने इस्लाम कबूल कर लिया था और तैमूर भी इस्लाम का कट्टर अनुयायी हुआ।

2. परिवार की गरीबी के चलते तैमूर ने बचपन से ही छोटी-मोटी चोरियां शुरू कर दी थीं। धीरे-धीरे उसने अपनी गैंग बना ली। गैंग बनाने के बाद तैमूर ने बड़ी-बड़ी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया और इस तरह वह खूंखार लुटेरा बन गया।

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तैमूरलंग के जीते हुए क्षेत्र

3. सन्‌ 1369 में समरकंद के मंगोल शासक के मर जाने पर उसने समरकंद की गद्दी पर कब्जा कर लिया। तैमूर मंगोल विजेता चंगेज खाँ की तरह ही समस्त संसार को अपनी शक्ति से रौंद डालना चाहता था और सिकंदर की तरह विश्वविजय की कामना रखता था।

4. तैमूर नाम का मतलब ‘लोहा या फौलाद‘ है, लंग (मतलब लंगड़ा) उसके नाम से इसलिए जोड़ा गया क्योंकि उसने किसी जंग में अपना एक पैर गवां दिया था। वह चंगेज़ का वंशज होने का दावा करता था, लेकिन असल में वह तुर्क था।

5. तैमूर ने सबसे पहले सन 1380 में इराक की राजधानी बगदाद पर हमला बोला था, जहां हजारों लोगों का कत्ल कर उनकी खोपड़ियों के ढेर लगा दिए थे। फिर उस ने एक के बाद एक कई खूबसूरत राज्यों को खंडहर में बदल दिया। कटे हुए सिरो के बड़े-बड़े ढेर लगवाने में उसे ख़ास मजा आता था।

6. कई देशों में लूटपाट के दौरान तैमूर ने न सिर्फ धन-दौलत जमा की, बल्कि उसने बड़ी फौज़ भी तैयार कर ली थी। तैमूर एक तेज दिमाग व बहादुर लीडर भी था, जिसके चलते सिपाही उसकी बहुत इज्ज़त करते थे। वह हर जंग में अगली लाइन में खड़ा होता था और यह बात सिपाहियों के दिल में जोश भर कर देती थी।

तैमूर का भारत पर हमला

7. कई राज्यों को जीतने के बाद तैमूर ने भारत पर हमला करने की योज़ना बनाई। उसने भारत की धन-दौलत के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था अतः वो भारत पर हमला करने के लिए आतुर था।

8. शुरू में तैमूर के सेनापति भारत पर हमला करने के लिए तैयार नही थे पर जब उसने इस्लाम धर्म के प्रचार के लिए भारत में हिंदु धर्म के विरूद्ध युद्ध करने का अपना उद्देश्य घोषित किया, तो उसके सेनापति भारत पर हमला करने के लिए तैयार हो गए।

9. तैमूर के भारत हमले की पूरी जानकारी उसकी जीवनी ‘तुजुके तैमुरी‘ में मिलती है। जीवनी की शुरूआत वो कुरान की इस आयत से शुरू करता है – ‘ऐ पैगम्बर काफिरों और विश्वास न लाने वालों से युद्ध करो और उन पर सखती बरतो।‘ भारत पर हमला करने के संबंध में वो लिखता है – ‘हिन्दुस्तान पर आक्रमण करने का मेरा ध्येय काफिर हिन्दुओं के विरुद्ध धार्मिक युद्ध करना है (जिससे) इस्लाम की सेना को भी हिन्दुओं की दौलत और मूल्यवान वस्तुएँ मिल जायें।

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10. सितंबर 1398 में तैमूर भारत पर हमला करने के लिए समरकंद से रवाना हुआ और सिंधु नदी के रास्ते भारत में घुस गया। सबसे पहले उसने तुलुंबा नगर पर हमला कर वहां के हज़ारो निवासियों का कतल कर दिया और कईयों को बंदी बनाया। कई मंदिर नष्ट कर दिए गए।

11. इसके बाद उसने कश्मीर की सीमा पर कटोर नामी राजपूत किले पर हमला किया और तमाम पुरुषों को कत्ल और स्त्रियों और बच्चों को कैद करने का आदेश दिया। कत्ल कए गए पुरुषों के सिर की उसने कई मीनारें बनवाईं। तैमूर अपनी जीवनी में लिखता है कि ‘थोड़े ही समय में दुर्ग के तमाम लोग तलवार के घाट उतार दिये गये। घंटे भर में दस हजार लोगों के सिर काटे गये। इस्लाम की तलवार ने काफिरों के रक्त में स्नान किया। उनके सरोसामान, खजाने और अनाज को भी, जो सालो से दुर्ग में इकट्‌ठा किया गया था, मेरे सिपाहियों ने लूट लिया। मकानों में आग लगा कर राख कर दिया।

12. तैमूर ने जब जाटों के प्रदेश में प्रवेश किया तो उसने अपनी सेना को आदेश दिया कि ‘जो भी मिल जाये, कत्ल कर दिया जाये।’ इसके बाद वो दिल्ली की तरफ बढ़ा और रास्ते में आने वाले नगरों को मिट्टी में मिलाता और लोगों को कत्ल करता रहा साथ ही साथ उसने हज़ारो लोगो को बंदी भी बना लिया।

13. दिल्ली के ऊपर हमला करने से पहले वो लोनी नगर में ठहरा, अब उसके पास बंदियों की संख्या 1 लाख से ऊपर हो गई थी जिनमें से थोड़े से ही मुसलमान थे। दिल्ली पर हमला करते समय वो इन बंदियों को कैंप में अकेला नही छोड़ना चाहता था और उसने आदेश दे दिया कि सभी मुसलमान बंदियों को छोड़ कर सबको कत्ल कर दिया जाए और जो इस आदेश की पालना करने में ना-नाकुर करे उसे भी मार दिया जाए। इस आदेश के संबंध में तैमूर अपनी जीवनी में लिखता है –

“इसलिये उन लोगों को सिवाय तलवार का भोजन बनाने के कोई मार्ग नहीं था। मैंने कैम्प में घोषणा करवा दी कि तमाम बंदी कत्ल कर दिये जायें और इस आदेश के पालन में जो भी लापरवाही करे उसे भी कत्ल कर दिया जाये और उसकी सम्पत्ति सूचना देने वाले को दे दी जाये। जब इस्लाम के गाजियों (काफिरों का कत्ल करने वालों को आदर सूचक नाम) को यह आदेश मिला तो उन्होंने तलवारें सूत लीं और अपने बंदियों को कत्ल कर दिया। उस दिन एक लाख अपवित्र मूर्ति-पूजककाफिर कत्ल कर दिये गये।”

14. दिल्ली पर उस समय तुगलक सुल्तान महमूद का राज था, वो एक अयोग्य शासक था। उसने अपनी 40 हज़ार पैदल सेना, 10 हज़ार घोड़सवार सेना और 120 हाथियों से तैमूर का मुकाबला किया, पर बुरी तरह से हार गया और युद्ध के मैदान से ही भाग गया।

15. सुल्तान को हराने के बाद जब तैमूरलंग दिल्ली पहुँचा तो उसने 5 दिनों तक शहर को पूरी तरह से लूटा और निवासियों का बेहरमी से कत्ल कर दिया, औरतों को गुलाम बना लिया गया और जीवन भर उनका बालात्कार किया। उसकी इच्छा भारत में रहकर राज करने की नही थी इसलिए 15 दिन दिल्ली में रहकर वो वापिस अपनी राजधानी समरकंद की ओर चल दिया।

16. भारत से वापिस लौटते समय उसने मेरठ, हरिद्वार, पंजाब और जम्मू के क्षेत्रों को बुरी तरह से लूटा और बेहसाब लोगों का कत्ल किया। भारत में लगभग 6 महीने रहने के बाद वो 19 मार्च 1399 को सिंधु नदी पार करके भारत से चला गया।

17. एक अनुमान के अनुसार तैमूर की सेना ने अपने सभी हमलों और युद्धों में लगभग 2 करोड़ लोगों का कतल किया था जो उस समय की संसार की कुल आबादी का 5 प्रतीशत था।

18. उज्बेगिस्तान के लोग आज भी तैमूर को अपना हीरो मानते है और उसकी कई प्रतिमाएं (मूर्तियां) उज्बेगिस्तान के शहरों में लगी हुई हैं। उज्बेगिस्तान के इतिहास में तैमूर को एक हीरो की तरह पेश किया जाता है और उसके काले कारनामों के बारे में बिलकुल भी चर्चा नही की जाती।

tamurlung ka makbara

19. तैमूर की मौत सन 1405 में उस समय हुई जब वो चीन पर हमला करने के लिए जा रहा था। मृत्यु के पश्चात उसे समरकंद में दफ़ना दिया गया था जहां आज उसका मकबरा बना हुआ है।

20. सन 1941 में रूस के पुरातत्वविदों ने तैमूर के मकबरे की खुदाई कर उसके कंकाल का अध्ययन किया और पाया कि उसकी कूल्हे की हड्डी टूटी हुई थी और दाएं हाथ की दो उंगलिया गायब थी। उसके कंकाल से यह भी पता चला कि उसकी लंबाई 5 फुट 9 इंच थी और छाती चौड़ी थी।

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36 thoughts on “2 करोड़ लोगों की हत्या करने वाले ” तैमूरलंग ” से जुड़ी 20 भयंकर बातें”

  1. तैमूर अपनी मर्जी से भारत छोड़कर नहीं गया था, उसको भोजराज सिंह गुर्जर और रामप्यारी गुर्जर के नेतृत्व वाली सेना ने बुरी तरीके से हराकर भागने पर मजबूर कर दिया था,उनकी सेना में राजपूत ब्राह्मण वाल्मीकि हर एक समाज के लोग थे जो तैमूर के अत्याचारों के खिलाफ खड़े हुए थे, इस लेख में महापंचायत की सेना का वर्णन ना करना उन वीर योद्धाओं के बलिदान का अपमान है

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  2. पाकिस्तान ब्लूचो अहमदिया सिंध को मार रहा है तुर्कि कुर्दो को , अरब देश तो पाकिस्तानी पापियो को भी कुछ नही समझते इस्लामि भी नही पाकिस्तानी अरबो के लिए गुलाम है इन गुलामो को इस्लाम पर नाज़ है भारतिय मुस्लिमो के इन पापियो के लिए जान जाती है श्रेष्ठ सिर्फ सूफी है भारतीयो बोद्धो हिंदुओ जैनो सिखो आपको समझना चाहिए मानवता के लिए अशोक ने साम्राज्य को कमजोर कर दिया और आपसी द्वैश मे राजपुतो ने क्रुरो के लिए अपने हि देश मे संधि गुलामी कर ली

    विश्व का सर्वश्रैष्ठ धर्म भारत धर्म है जो सिख जैन बुोद्ध हिंदू मे बंटा है . इस्लाम को श्रेष्ठ मानना भुल है

    इस धर्म मे बुराई है क्रुरता है इसिलिए आज भी ये निर्दोषो को मारते है इस्लाम एक नफरत है

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    • DHARM BURA NHI HOTA LOG BURE HOTE HAI LOG ACHHI BATE JANNA NHI CHAHTE AUR BURI BATE JANKAR DHARM KA DANKA BAJATE HAI MAHABHARAT KE BAREME KYA KAHOGE JISME DHARM KE NAAM PAR CHHAL KIYE AUR SATTA KE MOH ME BHAI NE BHAI KO MARA
      RAMAYAN KO KYA KAHOGE JISME RAVAN JAISE MAHAGYANI 3 VEDO KO GYATA BRAMHDEV KA VANSHAJ JISNE JIVAN BHAR RAKHAS KI BHUMIKA NIBHAYI
      US HINDU KO KYA KAHOGE

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      • लेकिन अगर बुरे काम धार्मिक नज़रिया रख कर ही किए जाएं, तो उन्हें क्या कहा जायेगा। मंदिर ही क्यों तोड़ते थे ये लोग, मस्जिदे क्यों नहीं? अगर रावण हिंदु था तो राम भी हिंदु थे।

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  3. बाबर तैमूर लंंगडा और चंगेज खान का वंशंज था
    बाबर को जो लिडर मानते है देश से बाहर भेजो वे भारतीय नागरिक नही है और अकबर कोई सहिष्णु नही था तैमूर एक चौर लुटेरा था पिता के इस्लाम कबुलने के बाद यह एक कट्टर इस्लामी बना था और इस्लाम का अर्थ मारकाट है यह तुर्क था आज तुर्की रोहिंगया के लिए मर रहा है यही तुर्कि कुछ चाल पहले कुर्दो को मार रहा था इस्लाम को चीन नष्ट कर रहा है चीन रसिया जैसे बनो इंडिया जब तक ये अल्पसंख्यक है सहिष्णुता के लिए सिखेंगे जब बहुसंख्यक बनेंगे तो ये मुलायम को भी नही छोडेंगे और ममता का तो ……. करेंगे

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    • babar taimur changez kahan ka vanshaj nhi ho sakta.. Taimur Turk tha.. aur Mohammadan tha jabki chnagez kahan ek bodhh (monglolia ) tha.

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      • है संजीव जी। चंगेज़ के वंशजो ने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया था। वो तैमूर लंग का परपोता था और विश्वास रखता था कि चंगेज़ ख़ान मां की तरफ से उसके वंश का पूर्वज था।

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  4. dosto easa nahi h ke usne sirf hinduwo ko hi mara h usne pahle bahutse musalmano ka katleaam kiya h aap sayad gor se nahi padha wo ek kurur shasak tha bas agar aap ko musalmano ke baare me kach baat karni h to mujhe call kijye bhaiyo ph 7973669983ye mera watsapp no. h

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  5. दोस्तों मैं चाहता हु के हर भारत वासी इतना मज़बूत और ताक़तवर हो के हज़ार तेमूर पे एक। भारत वासी भारी। पड़े

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  6. बहुत ही अच्छी जानकारी। तैमूर जैसे लोग आज भी हैं जी ईश्वर(धर्म,कौम) के नाम पर इंसानो की हत्या करते हैं , पर खुद नही जानते ही वह भी इंसान है और अगर भगवान हमको मरना ही चाहता तो फिर हमें पैदा क्यो करता?

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  7. तेमुर नाम तो अभिनेत्रि करिना कपुर ओर अभिनेता सेफ अली खान के बेटे का नाम हे ना। तेमुर ने अपने माता -पिता की हत्या 18 year की उम्र मे कर दी थी ।
    क्या यह सत्य हे ।

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    • धन्यवाद आपके कमेंट के लिए। इससे दूसरे पाठकों को भी पता चलता है कि आपकी कौम की सोच कैसी है।

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      • ओय चमन एक आदमी लोगोको मारे और तू पूरे धर्म को ही गलत ठहराये
        बिडू सोच बदल तभी इंडिया बदलेगा

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        • एक आदमी? तो फिर यह मीर कासिम,महमूद गज़नवी, मुहम्मद गौरी, कुतुबद्दीन ऐबक से लेकर अल्लाउद्दीन खिलजी तक और फिरोज़शाह से लेकर इब्राहिम लोधी तक और बाबर से लेकर औरंगज़ेब तक कौन थे?

          अगर हम आपको चमन लगते है तो आप चमन सुतिए है, रिज़वान जी।

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          • Beta,itihaas badal diya gya hai….
            Muslim shasako ne 1400 saalo tak sasan kiya….
            Agar wo chahte toh sabko muslim na bana deta…

          • इस कमेंट में तुमने भी बहुत सारा इतिहास बदल दिया है।

            1400 साल पहले मुस्लिम कहां, थे पहले ये पता कर लो। अपना डीएनए भी चैक करवा तो, तो अच्छी जानकारी हो जाएगी।

  8. manav ithas me jaha ek aour mahan sant ,mahapurush huye he vahi ravan, kans, oragjeb,saddam, temoorlang jese anek kroor shasak bhi huye jinhone apni sanak se manav jati ka vinash karane me koi kasar nahi chhodi..fir bhi manavata sadev inse vijayi hoti rahi.. temoor ka nam abhi prakaranter se sef ali ke putra ka nam hone se zyada charcha me aa gaya he .. isliye aapke is lekh ko padane ki utsukata hui.. jigyasa bhi puri hui.. dhanyavad

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    • धन्यवाद दत्ताशंकर जीष सैफ़ अली की देशभक्ति के बारे में तो पूरा देश जानता है यह उसने याकूब मेनन की फांसी की माफ़ी पर साइन किए थे। इन्होंने अपने पुत्र का नाम तैमूरलंग से ही प्रेरणा लेकर रखा है।

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  9. Outstanding post likhi hai apne…
    Well kuch ques hai bro Adnow se , mera blogger platform hai

    1). Adnow ke Ads confirmation code ko template me save karni hoti hai like adsense.
    Ya directly code wo widget me lagaya jata hai.
    2). Adnow ke statistics me earning show hoti hai magar home me balance 0 show hoti hai aisa kyu.

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    • 1.Adnow ke har ad ke do code hote hai jo sath me paste karne hote hai, inhe aap adsense codes ki tarah hi laga sakte hai.

      2. Sayad aap ki site abhi pending ho ja koi aur problem ho.

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  10. ऐसे क्रूर और निर्दयी तैमुर लंग के बारे में जानकर मन घृणा से भर गया.. … पता नहीं इसे दुसरे धर्म के लोगो को मारने में क्या मज़ा आता था.. ..

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