आसमानी बिज़ली क्यों गिरती है ? 10 रोचक तथ्य भी जानिए

बिज़ली गिरना

हमें बचपन से एक बात सिखाई जाती है कि जब बारिश हो रही हो और आसमान में बादल गरज़ रहे हो तो बाहर खड़े नही होना चाहिए और ना हीं किसी बड़ी ईमारत जा पेड़ से सटकर खड़े होना चाहिए। यह बात आसमानी बिजली के सीधे असर से बचने के लिए सिखाई जाती है।

आसमानी बिजली बारिश और गरज़ते बादलों वाले आसमान से कभी भी धरती पर गिर सकती है और कई लोगों को नुकसान पहुँच सकती है। आज हम आपको इस बिन बुलाई आफ़त से जुड़ी कुछ हैरान कर देने वाली बातें बताएंगे और यह भी बताएंगे कि आसमानी बिजली गिरती क्यों है?

10 Awesome Facts About Lightning in Hindi

1. हर साल 20 से 25 हज़ार लोग आसमानी बिजली गिरने से मारे जाते है।

2. हर सैकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है।

3. एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार अगर गलोबल वार्मिग इसी तरह से बढ़ती रही तो 21वीं सदी के अंत तक आसमानी बिजली गिरने में 50 प्रतीशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।

4. भले ही आसमानी बिजली और उससे पैदा होने वाली गड़गड़ाहट एक ही समय पर पैदा होते है पर धरती पर बिजली की आवाज़ से पहले बिजली चमकती हुई दिखाई देती है क्योंकि प्रकाश की रफ्तार आवाज़ से कई गुणा ज्यादा होती है। इसके सिवाए बिजली की आवाज़ को तेज़ हवा की कई परतो से गुजर कर भी आना पड़ता है।

5. बिजली गिरने के सबसे ज्यादा चांस दोपहर के समय होते है।

6. आसमानी बिजली X-ray किरणों से लैश होती है।

7. बिजली गिरने से जुड़ा एक मिथक यह है कि यह जिस स्थान पर एक बार गिर जाए तो वो दुबारा वहां पर नही गिरती। पर असल में ऐसा नही है, किसी ऊँची जगह पर दुबारा बिज़ली गिरने के चांस उतने ही रहते है जितने पहली बार गिरने पर थे। उदाहरण के तौर पर अमेरिका की स्टैचु ऑफ़ लिबर्टी पर हर साल कई बार बिजली गिरती है।

8. साल 1939 में अमेरिका के ऊटा राज्य में बिज़ली गिरने से 835 भेड़ों की मौत हो गई थी।

9. बिजली गिरने से जो लोग मारे जाते है उनमें से 80 प्रतीशत पुरूष होते है।

10. अगर आसमानी बिज़ली गिरने से कोई इंसान घायल हो जाता है तो उसे ठीक करना बहुत मुश्किल हो जाता है। बिज़ली से टिशूज डैमेज हो जाते है, नर्वस सिस्टम में खराबी आ जाती है, हार्ट अटैक भी आ सकता है और शरीर जा कोई अंग पैरालाइज़ भी हो सकता है।

आसमानी बिज़ली क्यों गिरती है?

आसमानी बिज़ली से जुड़े मज़ेदार तथ्य जानने के बाद आप यह जरूर जानना चाहेंगे कि आसमानी बिज़ली क्यों गिरती है। असल में होता यह है कि जब ओपोजिट एनर्जी (+,-) के बादल एक दूसरे से टकराते है तो उसने पैदा होने वाली रगड़ से आसमानी बिज़ली पैदा होती है।

आसमान में किसी तरह का कंडक्टर ना होने की वजह से बिज़ली धरती की ओर बढ़ती है। धरती पर लोहे जा तांबे जैसे किसी कंडक्टर से गुजरने पर यह नुकसान कर सकती है। बिजली के उपकरणों को खराब कर सकती है और अगर कोई इंसान इसकी चपेट में आ जाए तो उसकी जान भी जा सकती है।

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