भुकंपों से जुड़े 16 विनाशकारी तथ्य – Earthquake in Hindi

About Post : Facts and Some Information About Earthquake in Hindi

Earthquake in Hindi – भुकंपों से जुड़े 16 विनाशकारी तथ्य

Earthquake in Hindi

बात 26 अक्तूबर 2015 की है, मैं दोपहर का ख़ाना खाने के बाद अपने बिस्तर पर आराम कर रहा था। तभी कुछ समय बाद मुझे अपना बेड हिलता हुआ महसूस हुआ।

मुझे लगा नीचे बिल्ली होगी, जैसे ही मैने नीचे देखा तभी दूसरी बार बेड हिला और भुगोल का छात्र होने के कारण मैं तुरंत समझ गया कि यह भूकंप है। यह पहला मौका था जब मैनें भूकंप के झटके महसूस किए थे।

दोस्तो यह भूकंप अफ़गानिस्तान के हिंदू कुश पर्वतों से शुरू हुआ था जिसके झटके पाकिस्तान समेत पूरे उत्तर भारत में महसूस किये गये थे। यह भूकंप टेक्टोनिक प्लोटों के खिसकने के कारण आया था।

पृथ्वी की ऊपरी सतह के हिलने को भूकंप कहते है और यह केवल टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने के कारण ही नही आते ब्लकि ज्वालामुखी विस्फोट, परमाणु धमाके और खदानों की खुदाई आदि भी इसका कारण बनते हैं।

पेश हैं भूकंपों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य-

1. पृथ्वी पर हर साल लगभग 5 लाख भूकंप आते है जिनमें से 1 लाख ही महसूस किए जा सकते है और सिर्फ 100 भुकंप ही ऐसे होते है जो तबाही मचाते हैं।

2. भुकंपों की वजह से हर साल 8 हज़ार लोग मारे जाते है और उससे गई गुणा ज्यादा लोग घायल होते हैं।

3. सन 1960 में चिली में आए भूकम्प को आधुनिक युग का सबसे तेज़ भूकंप माना जाता है जिसकी तीव्रता 9.5 थी।

4. साल 2011 में जापान में आए भूकंप के कारण पृथ्वी के घूमने की गति 1.8 माइक्रोसैंकेड तेज़ हो गई थी। (एक माइक्रोसैंकेड, एक सैकेंड का 10लाखवां हिस्सा होता है।)

5. 1811 में एक जबरदस्त भुचाल के कारण Mississippi(उत्तरी अमरीका) नाम की नदी उल्टी दिशा में बहने लगी थी।

6. साल 2015 में नेपाल में आने वाले भूकंप के कारण माऊंटएवरेस्ट एक इंच (2.5 सेंटीमीटर) नीचे धस गया था।

7. वर्ष 1201 में इराक, सीरीया और ईरान में आए भूकंप को इतिहास का सबसे जानलेना भूकंप माना जाता है जिसमें करीब 14 लाख लोग मारे गए थे।

8. किसी औसत भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए जाते हैं।

bhukampa hindu dharam

9. हिंदू मान्यताओं के अनुसार पृथ्वी एक कछुए की पीठ पर खड़े आठ हाथियों पर टिकी है और यह कछुआ भी एक सांप के फन पर संतुलन बनाए खड़ा है। जब इनमें से कोई जानवर हिलता है तब धरती के कंपित होने के कारण भूकंप आता है।

10. एक जापानी किंवदंती के अनुसार भूकम्प के लिए धरती के अंदर रहने वाली मांजू नामक विशाल मछली जिम्मेदार हैं।

11. प्राचीन ग्रीक मिथकों के अनुसार भुकंपों का कारण समुंद्र का देवता पोसाइडन है। जब उसे गुस्सा आता है तो वह अपने त्रिशूल से पृथ्वी को हिलाता है जिसके कारण भूकंप आते हैं।

12. किसी भूकंप का सबसे पुराना लिखित प्रमाण 1831 ईसापूर्व यानि लगभग 3800 साल पहले का मिलता है जो चीन में आया था।

13. पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में दक्षिणी गोलार्ध के मुकाबले ज्यादा भुकंप आते हैं।

14. विश्व के 90 प्रतीशत भूकंप प्रशात महासागर और उससे जुड़े क्षेत्रों में आते हैं।

15. एक औसत भुकंप सन 1945 में हिरोशिमा पर गिराए परमाणु बम से भी 100 गुणा ज्यादा उर्जा पैदा करता है।

16. चाँद पर आने वाले भुकंपों को ‘MoonQuake’ कहा जाता है, पर यह काफी कमज़ोर तीव्रता के होते है।

सन 1900 के बाद आए 5 सबसे बड़े भूकंप

स्थान (वर्ष) ➡ भुकंप की तीव्रता

  1. चिल्ली (1960) ➡ 9.5
  2. अलास्का (1964) ➡ 9.2
  3. इंडोनेशिया (2004) ➡ 9.1
  4. जापान (2011) ➡ 9.0
  5. रूस (1952) ➡ 9.0
अगर आपको भूकंप के बारे में यह रोचक तथ्य अच्छे लगें तो कमेंट करके जरूर बताइगा कि आपने भूकंप के झटके कितनी बार महसूस किए हैं?

9 thoughts on “भुकंपों से जुड़े 16 विनाशकारी तथ्य – Earthquake in Hindi”

  1. hello,i am a boy,my name is dheeraj chaudhary,my village-hetampur,bhojpur,bihar,india.main aapka web site rochak.com.par maine aapki hindi words dekha to mujhe bahut aachha laga.maine socha ki main kitna murkh hoon.jab aapke web site par dekha to maine duniya kitni aage hain.mujko ye sab pata chala ki main bahut khush hua.main aapse nivedan karoonga ki esae bhi aachha-aachha news upload kijiye.thank you

    Reply
  2. point no. 9th is absolutely wrong …….
    ye sab illiterate peoples kehte h jinko hindu dharm ki koi knowledge nhi h or jinhone koi vaid puraan tak nhi padhe …..hindu dharm scientific fact pr based h ye fizul ki manyataaye nhi h hindu dharm m……..
    plz remove that point

    Reply
    • भाई मैं भी हिंदू हुँ, यह बेहद प्राचीन लिखतों में कहा गया है जबकि आर्यभट्ट तक आते आते भुकंपो की सच्चाई भारतीय को पता चल चुकी थी। पर उस समय आम भारतीयों को समझाने के लिए कथा – कहानियों का सहारा ही लेना पड़ता था।

      Reply

Leave a Comment

error: Content is protected !!