सिकंदर की 10 सच्चाईयां जो उसके विश्व विजेता होने के भ्रम को तोड़ देगीं।

सिकंदर के बारे में – About Alexander The Great in Hindi

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शायद सिकंदर इतिहास का पहला राजा था जिसने पूरी दूनिया को जीतने का सपना देखा। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह ग्रीस से मिस्त्र, सीरिया, बैक्ट्रिया, ईरान, अफगानिस्तान और वर्तमान पाकिस्तान को जीतता हुआ व्यास नदी तक आ पहुँचा।

इतिहास में भले ही यह पढ़ाया जाता है कि सिकंदर की सेना लगातार युद्ध करके थक चुकी थी और आगे और युद्ध नहीं लड़ना चाहती थी। इस बात में थोड़ी बहुत सच्चाई हो सकती है परंतू असली वजय तो यह थी कि व्यास नदी के आगे हिंदू गणराज्यों और जनपदों ने उसकी एक ना चलने दी और उसे वापिस जाने पर मज़बूर कर दिया।

सिकंदर के विजयी अभियान को दौरान उसके इतिहासकार उसके साथ रहते थे जो उसकी सफ़लताओं को बढ़ा – चढ़ा कर लिख देते थे, अत्याचारों को छुपा देते, और हारों को जीत में बदल कर लिख देते थे।

पर आज हम आपको इस तथाकथित विश्वविजेता के जीवन और युद्धों के बारे में 10 सच्चाईयां बताएंगे जो आपकी नज़र में इसके महान होने के भ्रम को तोड़ देगीं।

1. अपने भाइयों को मारकर बना था राजा

सिकंदर का जन्म 356 ईसवी पूर्व में ग्रीक के मकदूनिया (मेसोडोनिया) में हुआ था। उसका पिता फिलिप मकदूनिया का राजा था जिसने कई शादियां की थी।

336 ईसवी पूर्व में सिकंदर जब 19-20 साल का था तो उसके पिता फिलिप की हत्या कर दी गई। ऐसी भी कहा जाता है कि सिकंदर की मां ओलंपिया ने ही जह़र देकर अपने पति की हत्या करवाई थी।

अपने पिता की मृत्यु के पश्चात सिकंदर ने राजगद्दी पाने के लिए अपने सौतेले और चचेरे भाईयों का कत्ल कर दिया और मकदूनिया का राजा बन गया।

2. अरस्तू ने दिखाया था दुनिया जीतने का सपना

सिकंदर का गूरू अरस्तू था जो एक बहुत ही प्रसिद्ध और महान दार्शनिक था। अरस्तू के महत्व का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज पूरी दुनिया में जहां – जहां भी दर्शनशास्त्र, गणित, विज्ञान और मनोविज्ञान पढ़ाया जाता है उसमें कहीं ना कहीं अरस्तू के विचारों जा वैज्ञानिक अनुभवों का उल्लेख जरूर होता है, भले ही एक – आध लाइन में हो।

सिकंदर जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति को निखारने का काम अरस्तू ने ही किया। कई इतिहासकार मानते हैं कि वह अरस्तू ही था जिसने सिकंदर के मन में पूरी दुनिया जीतने का सपना जगाया।

इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिकंदर के विजयी अभियान के दौरान अरस्तू का भतीजा कलास्थनीज़ भी एक सेनापति के रूप में उसके साथ गया था।

3. ऐसे की थी विजयी अभियानों की शुरूआत

alexandar in hindi
Sikandar Empire

सिकंदर ने सबसे पहले मकदूनिया के आसपास के राज्यों को जीतना शुरू किया। मकदूनिया के आसपास के राज्यों को जीतने के बाद उसने एशिया माइनर (आधुनिक तुर्की) की तरफ कूच किया।

तुर्की के बाद एक – दो छोटे राज्यों को छोड़कर विशाल फ़ारसी साम्राज्य था। फ़ारसी साम्राज्य मिस्त्र, ईरान से लेकर पश्चिमोत्तर भारत तक फैला था। उल्लेखनीय है कि फारस साम्राज्य सिकंदर के अपने साम्राज्य से कोई 40 गुणा ज्यादा बड़ा था।

फारसी साम्राज्य का राजा शाह दारा था जिसे सिकंदर ने अलग- अलग तीन युद्धों में हराकर उसके साम्राज्य को जीता। परंतु शाह दारा ने सिकंदर से संधि कर ली और अपनी एक पुत्री ऱुखसाना का विवाह उससे कर दिया।

फ़ारसी साम्राज्य जीतने में सिकंदर को करीब 10 साल लग गए। विजय के पश्चात उसने बहुत भव्य जुलूस निकाला और अपने आपको विश्व विजेता कहलाना शुरू कर दिया क्योंकि फ़ारस को जीतकर वह उस तमाम भूमि के 60 प्रतीशत हिस्से को जीत चुका था जिसकी जानकारी प्राचीन ग्रीक के लोगों की थी।

भारत तक पहुँचते – पहुँचते उसे शाह दारा के इलावा छोटे – छोटे राज्यों, सूबेदारों और कबीलों से भी युद्ध करना पड़ा जिसमें उसकी जीत हुई।

4. सिकंदर का युद्ध कौशल

यह सिकंदर की योग्यता का ही परिणाम था कि उसकी छोटी सी सेना बड़ी – बड़ी सेनाओ को मात दे दिया करती थी। सिकंदर की युद्ध रणनीतियों को आज भी युरोप की किताबों में पढ़ाया जाता है।

सिकंदर के पत्थर और आग के गोले फेंकने वाले गुलेलनुमा बड़े- बड़े हथियार और उसके सैनिकों की लंबी – लंबी ढ़ालें युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाती थी।

कई ऐसे मौकों पर जब सिकंदर की सेना युद्ध में कमज़ोर पड़ती दिखती तो सिकंदर खुद आगे होकर लड़ता जिससे उसकी सेना का मनोबल बढ़ जाता।

सिकंदर की यवन सेना उसे देवता मानती थी।

5. सिकंदर का भारत पर हमला

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सिकंदर ने भारत पर 326 ईसा पूर्व में हमला किया था। उस समय भारत छोटे – छोटे राज्यों और गणराज्यों में बंटा हुआ था। राज्यों में राजा शासन करते थे और गणराज्यों के मुखी गणपति होते थे जो प्रजा की इच्छा अनुसार ही फैसले लेते थे।

भारत में सिकंदर का सामना सबसे पहले तक्षशिला के राजकुमार अंभी से हुआ था। अंभी ने शीघ्र ही आत्मसमर्पण कर दिया और सिकंदर को सहायता दी।

सिकंदर अंभी द्वारा भेंट की गई दौलत को देखकर देख दंग रह गया। वह सोच में पड़ गया कि अगर भारत के एक छोटे से राज्य के पास इतनी धन – संपदा है तो पूरे भारत में कितनी होगी ? भारत की धन – संपदा देखकर उसे भारत जीतने की इच्छा ओर बढ़ गई।

इधर तक्षशिला विश्वविद्यालय के एक आचार्य चाणक्य से भारत पर किसी विदेशी का हमला देखा ना गया। चाणक्य ने भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए सभी राजाओं से सिकंदर के विरूद्ध लड़ने का आग्रह किया, परंतू सभी राजा अपनी आपसी दुश्मनी की वजह से एक साथ ना आए।

चाणक्य ने सबसे शक्तिशाली राज्य मगध के राजा धनानंद से भी गुहार लगाई, परंतू उसने चाणक्य का अपमान कर महल से निकाल दिया।

इसके बाद चाणक्य ने गणराज्यों से एक होने की अपील की जिसमें वह काफी सफल रहे, इन गणराज्यों ने वापसी के समय सिकंदर को बहुत नुकसान पहुँचाया।

6. सिकंदर और पोरस का युद्ध

सिकंदर का सबसे महत्वपूर्ण युद्ध झेलम नदी के तट पर राजा पुरू या पोरस से हुआ। इस युद्ध को ‘पितस्ता का युद्ध‘ या ‘हाइडेस्पेस का युद्ध‘ कहा जाता है।

महाराजा पुरू सिंध -पंजाब सहित एक बहुत बड़े भू – भाग के स्वामी थे और अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध थे।

सिकंदर की सेना को झेहलम नदी पार करके पोरस से युद्ध करना था परंतु वर्षा के मौसम के कारण नदी में बाढ़ आई हुई थी और नदी को पार करना मुश्किल था।

पर रात में किसी तरह यवन सेना नदी के पार पहुँच गई। नदी के उस पार राजा पुरू भी 30,00 पैदल सैनिकों, 4,000 घोड़सवारों, 300 रथों और 200 हाथियों के साथ सिकंदर के स्वागत के लिए तैयार खड़े थे।

सिकंदर ने महाराज पोरस के पास एक संदेश भिजवाया जिसमें पोरस को अधीनता स्वीकार करने को कहा पर पोरस ने ऐसा नहीं किया।

इसके बाद दोनो सेनाओं में भयंकर युद्ध शुरू हुआ। राजा पुरू जिसे स्वयं यवन 7 फुट से ऊपर का बताते है, अपनी शक्तिशाली सेना के साथ यवन सेना पर टूट पड़े। पोरस के हाथियों ने यूनानियों का जिस भयंकर रूप से संहार किया उससे सिकंदर और यवन घबरा गए।

युद्ध के पहले ही दिन सिकंदर की सेना को जमकर टक्कर मिली। इस युद्ध के बाद सिकंदर की सेना का मनोबल टूट गया। सिकंदर ने भी अनुभव किया कि वो पोरस को हरा नहीं सकेगा और लड़ाई जारी रख के अपना ही नुकसान कर लेगा। अंतः उसने पोरस को युद्ध रोकने का प्रस्ताव भेजा जिसे पोरस ने मान लिया।

दोनों पक्षों में संधि हुई जिसके अनुसार पोरस सिकंदर को आगे आने वाले युद्ध अभियानों में सहायता करेगा और बदले में जीते हुए राज्यों पर पोरस शासन करेगा।

7. सिकंदर के सैनिकों के हौसले हुए पस्त

पोरस से युद्ध के बाद सिकंदर की सेना छोटे हिंदु गणराज्यों से भिड़ी। इसमें कठ गणराज्य के साथ हुई लड़ाई काफी बड़ी थी। कठ जाति के लोग जिन्हें कथेयोई या कथा जाति भी कहा गया है, अपने साहस के लिए सर्वप्रसिद्ध थी। कठों ने एक बार तो यवनों के छक्के छुड़ा दिए थे, लेकिन कम संख्या के कारण उन्होंने हार का मुंह देखना पड़ा।

कठों से युद्ध लड़कर यवन सेना व्यास नदी तक पहुंच ही पाई थी कि उसने आने बढ़ने से मना कर दिया। उन्होंने सुन रखा था कि व्यास नदी के पार नंदवंशी राजा के पास 20 हज़ार घुड़सवार सैनिक, 2 लाख पैदल सैनिक, 2 हज़ार चार घोड़े वाले रथ और लगभग 6 हज़ार हाथी थे। इतनी विशाल सेना के बारे में सुनकर वह घबरा गए। पंजाब में उन्हें जिस विरोध का सामना करना पड़ा उससे उन्हें ज्ञात हो गया होगा कि भविष्य में उन्हें किस प्रकार के युद्ध लड़ने होंगे। पंजाब के छोटे-छोटे गणतन्त्रीय राज्यों की सेनाएँ भी इतने उत्साह से लड़ीं कि सिकंदर की सेना को अहसास हो गया था कि नंदों से टक्कर होने पर उनका क्या हाल होगा।

सिकंदर सारे भारत पर ही विजय पाना चाहता था लेकिन उसे अपने सैनिकों की मर्जी के कारण व्यास नदी से ही वापस लौट जाना पड़ा। वापिस जाते हुए उसे मालव और क्षुद्रक आदि कई वीर हिंदु गणराज्यों से संगठित विरोध का सामना करना पड़ा क्योंकि सिकंदर की योजना जाते – जाते इनके क्षेत्रों को जीतने की थी।

माना जाता है कि इन सभी गणराज्यों को एक साथ लाने में आचार्य चाणक्य का बहुत बड़ा योगदान था। इन सभी गणराज्यों ने सिकंदर को काफी क्षति पहुँचाई और उसकी सेना के हौसले पस्त कर दिए।

8. सिकंदर – एक क्रुर और अत्याचारी व्यक्ति

हमारी इतिहास की किताबों में सिकंदर को एक ‘महान योद्धा‘ बताया जाता है और यह भी कि उसने पोरस को युद्ध में हरा दिया था और उसकी वीरता से प्रसन्न होकर उसका राज्य वापिस कर दिया था।

पर इतिहासकारों के अनुसार सिकंदर ने कभी भी उदारता नहीं दिखाई। वह एक अत्यंत अत्याचारी और शराबी व्यक्ति था। उसने अपने अनेक सहयोगियों को उनकी छोटी सी भूल के लिए तड़पा – तड़पा कर मार डाला था।

एक बार किसी छोटी सी बात के उसने अपने सबसे करीबी मित्र क्लीटोस को मार डाला। अपने पिता के मित्र पर्मीनियन को भी मरवा दिया। उसने अपने गुरू अरस्तू के भतीजे कलास्थनीज़ को मारने में भी संकोच नहीं किया।

प्रसिद्ध इतिहासकार एर्रियर लिखते हैं – जब बैक्ट्रिया के राजा बसूस को बंदी बनाकर लाया गया, तब सिकंदर ने उनको कोड़े लगावाए और नाक – कान कटवा कर बाद में हत्या करवा दी।

क्या ऐसा क्रुर सिकंदर, महान पोरस के प्रति उदार हो सकता था? अगर सिकंदर पोरस से जीता होता तो क्या वह उन्हें उनका साम्राज्य वापिस करता?

सच बात तो यह है कि सिकंदर और पोरस के बीच हुए युद्ध को उसके चापलूस लेखकों ने उसकी जीत में बदल कर एक कहानी गढ़ दी और सिकंदर को महान करार दे दिया।

9. सिकंदर का धर्म क्या था?

सिकंदर एक ग्रीक था। उसके समकालीन ग्रीक लोग कई तरह की मान्यताओं के साथ-साथ कई तरह के देवताओं को भी मानते थे। इन मान्यताओं को आप सिकंदर का धर्म कह सकते हैं। हांलाकि प्राचीन ग्रीक धर्म बहुत व्यवस्थित या केंद्रीकृत नहीं था।

लेकिन सिकंदर की आस्था किसी मान्यता या देवता में होने की बजाय, लोगों के सामने स्वयं देवता बनने की थी।

जब उसने मिस्र को जीत लिया था, तो उसने मिस्र वासियों के पवित्र तीर्थस्थल ‘Oracle of Siwa’ के दर्शन किए। इसके बाद उसने घोषणा कर दी कि वो ‘Zeus-Ammon’ का पुत्र है।

‘Zeus-Ammon’ को ग्रीक के सबसे प्रमुख देवता ‘Zeus’ और मिस्र वासिओं के प्रमुख देवता ‘Amun-Ra’ की वंशावली में से माना जाता था।

सिकंदर के शासनकाल में ऐसे कई सिक्के मिले हैं, जिनमें उसके कान के ऊपर मिस्र देवताओं की तरह ‘सींग’ दिखाया गया है।

सिकंदर का धर्म क्या था

ऊपर दिए गए दोनों सिक्कों में बाएँ (left) वाले सिक्के में देवता Zeus-Ammon की तस्वीर है। दाएँ (right) सिक्के में आप सिकंदर के कान के ऊपर सींग को देख सकते हैं।

सिकंदर ने ग्रीक लोगों से कहा कि वो उसकी पूजा एक ‘जीवित देवता’ के रूप में करें। उसने ग्रीक मंदिरों में स्वयं की मूर्तियां स्थापित करने का आदेश दिया।

सिकंदर ने ऐसे कई सिक्के भी बनवाए, जिनमें वो Zeus देवता की तरह वज्र (thunderbolt) लिए खड़ा है।

sikandar religion in Hindi

सिकंदर ने अपने सैनिकों और सेनापतियों के सामने भी स्वयं के देवता की तरह पेश किया। कुछ उसकी पीठ पीछे उसका मज़ाक भी उड़ाते थे, पर उसके जिंदा रहते हुए उसके सामने आवाज उठाने की हिम्मत किसी ने भी नहीं की।

सिकंदर की मृत्यु के बाद, ज्यादातर ग्रीको ने उसकी उपासना करनी बंद कर दी। अब सिकंदर को महज उसके कुछ बसाए शहरों में ही पूजा जाता था, जैसे कि मिस्र का सिकंदरिया (Alexandria) शहर।

कुछ लोगों का मानना है कि कुरान में वर्णित Dhul-Qarnayn नाम का व्यक्ति सिकंदर ही है। पर यह एक विवादित विषय है।

10. सिकंदर की मृत्यु

sikandar in hindi

अपने विश्व विजय के सपने के टूटने के बाद सिकंदर अत्याधिक शराब पीने लगा और उदास रहने लगा।

सिकंदर भारत में लगभग 19 महीने रहा। जब वह बेबीलोन (ईरान) पहुँचा तो 323 ईसवी पूर्व में 33 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत का कारण मलेरिया बताया जाता है।

विस्तार से: सिकंदर की मृत्यु के 4 कारण

निष्कर्ष

सिकंदर की सच्चाई जानने के बाद पता चलता है कि वह कोई विश्व विजेता नहीं था और ना ही महान। सिकंदर से भी कई गुणा ज्यादा क्षेत्र चंगेज़ खाँ और अन्य राजा जीत चुके थे। उसने पृथ्वी के मात्र 5 फीसदी हिस्से को जीता था।

इसमें कोई शक नहीं कि सिकंदर एक कुशल योद्धा था और इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है पर ऐसी कोई वजह नहीं कि उसे ‘विश्व – विजेता‘ कहा जाए या उसके नाम के साथ ‘महान‘ लगाया जाए।

क्या एक क्रुर और हत्यारा व्यक्ति महान कहलाने के लायक है ?

149 thoughts on “सिकंदर की 10 सच्चाईयां जो उसके विश्व विजेता होने के भ्रम को तोड़ देगीं।”

  1. युनानी इतिहासकार मानते कि राजा पोरस और सिकंदर के बीच हुई युद्ध में सिकंदर को विजयी मानते हैं पर ऐसा कुछ नहीं है

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    • Sikandar ek veer yoddha tha . Kyoki usne choti sena ke saath kaee desh jeet liye . Usne pors ko bhi hara diya . Usne pors ko samarajya bapis eesliye diya taki bhavishaya me bah uski madad kar sake .Sikandar is a great .

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  2. SACH YAHI HAI SIKANDAR BHARAT DESH BHI JEETANA CHAHTA THA PAR WO JEET NAHI SAKA AUR USSE WAPAS BHARAT SE JANA PADA

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  3. आप सभी लोगोंकी जाणकारी मुझे बहुत अच्छी लगी इसलिये माई आप सभी को शुक्रिया .

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  4. SIKANDAR IS GREAT AUR BHALE HE UNHO NE PURE DUNIYA NHI JEETI BUT UNKI 33 SAAL MAIN DEATH HO GYI THI. AND ABHI TAK KOI BHI RAJA 33 SAAL MAIN PURI DUNIYA KA 5% NHI JEETA HAIN
    #SIKANADR IS GREAT

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  5. Aaj ke jamane me itihas ki perfect jankari kisi ko v nhi hai…haan tark se use aap sahi ya galat bta sakte hain…hamara desh mahan tha…but kuch aise v time ka samna karna padta hai…ki situation hamare desh ki against ho gyi kuch dino ya mahino ke liye…but fir v ham…dat kar samna kar ke fir se ek nation me badal gye…itihas ki meaning hi…samajh se pare hai…yudh ladne se ya fir jeetne se ya harne se koi mahan nhi hota..
    Sikandar ho ya ashok ho ya akbar…kuch aisi baaten hongi…jiske karan use mahan ki upadhi di gyi….aur ye upadhi hami log diya karte hain…aur ye us jamane ki baat hai…aaj ke jamane me v bhut se mahan log hue hain…wo v kahi na kahi mahan hone layak hain…upadhi di jati hai …koimaang kar nhi leta…

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  6. सॉरी पर बिना कोई साबुत किसी भी इतिहासकारक को गलत कहना ठीक नहीं हैं
    आप क्या राज पोरस या सिकंदर के करीबी थे जो उन्ह के बारे में यह सब जानते हो
    हमारे लिए सिर्फ एक ही बात है
    पोरस एक महँ शासक और योद्धा थे
    और सिंकंदर आर्धजग विजेता और एक कुशल योद्धा थे
    जय हिन्द

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  7. Sikandar is Greart
    Admin tumko sirf indian raja hi pasand hai
    lekin jo great hai wo to hai
    itihas bhi yahi kehta hai
    sikandar great tha
    tumhara knowledge adhura hai

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  8. sikander ko ham mhaan nhi bagoda khyga kyoki ager vo mhan hota to chaya uska samna kitni bhi smasya hoti vo hindustan ka sath yude karta or yude kerta hua merta fir usko ham mhan khata lakin vo to saana per depand tha uski saana na aaga bedna sa inkar kya ker diya ki vo bhi saana ka picha picha ho liya begoda khi ha hamara mharana pertap mhan ha na ki sikander or akber jish chig ki ham verso sa tamnna ker rhea ha aager vo hamara samna ha to ham usha dekh ker phicha nhi hataga balki hamara ander doguna utsha baraga laki sikander to bharat ho dakh ker bhag gya bagoda khi ka

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    • The Beas River is a river in north India. The river begins in the Himalayas in central Himachal Pradesh, India, and flows for some 470 kilometers to the Sutlej River in the Indian state of Punjab.

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      • सिकंदर मंडी जिला हिमाचल प्रदेश की एक छोटी पहाड़ी जो ब्यास नदी के किनारे स्थित है और आज भी सिकन्दर धार के नाम से जानी जाती है, से वापस लौटा था। शहरों के इतिहासकार वहीं जाकर सच्चाई जान सकते हैं।

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  9. sikandar mahaan hi tha mana ki wo pura vishawa nahi jeet paya lekin 5% to jeet hi liya tha ap hi ne bola he saahil ji ke wo 33 saal me marr gaya tha to zara aap itihaas utha kr dekho esa kon raja tha jo 33 saal me duniya ka 5% jeeta ho #ALEXANDER IS GREAT

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  10. Dear blogger , whole world is not fool ohk i watch bbc , history channel etc documentary about alexender the great …i have a doubt why we try to find out mistake in every things …you should have to collect more data ohk

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  11. itihaas gavah ki jab mugal ka akraman bharat par hua toh dar ke mare bahut sare logo ne apana muslim dharm ko apna liya…nahi toh bhart ke itihas me bharat ek hindu desh raha hai…ab tum musalman un muglo ke vans toh ho nahi…muglo ke gun gane walo jara apna khandan ka itihas dekho tum kaha se aaye ho

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    • वर्तमान में उपलब्ध इतिहास स्रोतों के आधार पर तो नहीं। लेकिन सिकंदर से महज कुछ सदियों बाद हुए लेखकों ने उसे पोरस द्वारा कड़ी चुनौती देने की बात को माना है।

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  12. Mene sari comment pathi Mai bas yahi Dekh rahi thi ki Hindu aur Muslim aare veh to Muslim tha bhi nahi to us mahan yodha par Hindu Muslim Vali baat hi kyo kar rahe ho uska to naam,,,(alecxender)tha tum sab yahi keh rahe ho ki usne 5 persent bhi duniya nahi jeeti to fir school ki book mai se uska ethihas nekaal do kyoki unme to sab kuch tumahre against lekha hai are hindu muslim chod kar sahi baat kaho na

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    • VERY NICE YE BAAT TO SACH H KI WO MUSLIM NAHI THA AUR RAHI BAAT SIKANDAR KI JEET KI TO USNE YE SARI KHUBIYO KI PRERNA KING ( ZUL QARNAIN ) SE LI THI JINHE KI ENGLISH ME ( CYRUS ) AUR FARSI ME ( CORAS ) BHI KAHA JATA CYRUS YAANI KI ( ZUL QARNAIN ) NE DUNIYA KE TEEN HISSE TAK APNI BADSHAHT KI AUR SACH ME JO GREAT CYRUS YA FIR
      ( MAHAN ZUL QARNAIN ) KEHLANE KE LAYAK THE

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  13. साहिल कुमार जी आपके पास तथ्य काम है और कल्पना ज्यादा जब आप किसी की बात का जवाब नहीं दे पाते तो आप उसे संकीर्ण मानसिकता से ग्रस्त गुलाम मानसिकता का या वामपंथी बताते हैं अगर आपमें हिम्मत है तो सवालों का जवाब दीजिए और तर्कसंगत बात कीजिए

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    • आपके सभी सवालों के जवाब दे दिए गए हैं, यश जी। और हां जो मूल वामपंथ था, उसमें कोई गलती नहीं है। लेकिन जो संकीर्ण मानसिकता से ग्रस्त फ्रांड बुद्धजीवी है, उनका खंडन हम करते रहेंगे।

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      • साहिल जी आपने जवाब दिया इसके लिए आपका कोटि कोटि धन्यवाद. मैंने अभी तक आपके समक्ष अपने सभी सवाल प्रस्तुत ही नहीं किए तो आपने मेरे सभी सवालों के जवाब किस प्रकार दे दिए ? सिर्फ सवाल नहीं कुछ विचार भी है जो मैं आपके समक्ष प्रस्तुत करना चाहता हूं आप अगर एक बुद्धिजीवी होंगे तो समझेंगे अन्यथा मेरा अपमान करेंगे गुलाम मानसिकता का व्यक्ति तथा संकीर्ण मानसिकता से ग्रस्त घोषित करेंगे ( इस बात का कोई अर्थ तो नहीं फिर भी बताना चाहूंगा मैं भारतीय सेना में सैनिक हूं मेरे पिताजी सैनिक हैं मेरे परिवार के कई सदस्य भारतीय सेना में सैनिक है इसलिए मैं अपना सत्य चाहता हूं कि मैं गुलाम हूं या देशभक्त )

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  14. कहानी से पता चलता है कि सिकंदर हार गया था। उसके चापलूस लेखक गलत लिखे की सिकंदर पोरस की बहादुरी देखकर उसके राज्य वापिस कर दिया।
    जय माँ भारती
    जय हिंद आपको शत शत नमन जो दुश्मनो को दाट खट्टे करने वाले ऐसे वीर अपने जमी पे है।

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  15. jai maa bharti.
    Hamara raja porus great tha hai aur sabhi bharatiyon ke dil me forever rhega.
    Jo jita woh porus.
    Thousands of salute to our GREAT KING
    PORUS.

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  16. Dekhye sikander ki sena bahut thaki hui thi agar aap poras ko mahan kehte hain to me ni kahunga kyunki poras janta tha ki sikandar ki sena thaki hui h or usne uska galat fayda uthaya or jung ka elaan kya fir bhi har gaya to aap khud socho ki mahan kon h.or han bt hindu muslim ki ni h ye ek mahan yudha h ye me ni itihaas kehta h.

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    • आपका कथन गलत है। पहला हमला सिकंदर ने किया था। वो ही सेना लेकर नदी के पार गया था ना कि पोरस ने नही पार करके पहले हमला किया था। सिकंदर आया ही हमला करने के लिए था जबकि महाराज पोरस अपने राज्य की रक्षा कर रहे थे। आपकी एक ही बात सही है और वो ये कि ये हिंदु-मुस्लिम वाला मामला नहीं है। इस्लाम की स्थापना सिकंदर के 800 साल बाद हुई थी।

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  17. लेकिन इन्होंने विस्व विजाता बनेने का कभी सपना भी क्यों नहीं धेखा..,,,,

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  18. अच्छे योद्धा होने और महान राजा होने मे अंतर होता है !अच्छा योद्धा वो होता है हर प्रकार की युध नीति का जान कार हो और जो हर प्रकार से युद्ध को जितने की क्षमता रखता हो ?

    और एक महान राजा मे वो सारे गुण होते है जैसे की वो न्याय प्रिय हो, दयावान , अपनी प्रजा की ज़रूरत का ध्यान रखे व्यापार और उद्योगो को बढ़ावा दे ?

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  19. SIKNDAR IS Great worrier mai manta hu ki ki jo uska guru tha wo uska target set karne wala pehla insan tha dunia ko jitne ki wish uski nhi uski maa olmpia ki thi wo sirf apni maa ki wish puri karne ke liye battle ladta tha or battle me ek worrier ki himmat dekhi jaati h yah nhi ki wah ek accha insan h ya nhi worrier ke naate sikandar great tha or rhega ………..my icon is a the great sikandar

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    • सिर्फ एक बात का जवाब सिकन्दर समर्थकों से….
      जिस सिकन्दर ने अपने पूरे जीवन में कभी किसी पर कोई रहम नहीं दिखाया वो ” अचानक ” इतना बड़ा दयालु हो गया कि राजा पोरस को पकड़ में लेने के बाद भी ना केवल पोरस को जिन्दा छोड़ दिया बल्कि उनका राज्य भी लौटा दिया और इससे भी मजेदार बात कि वो वहीं से वापस भी लौट गया:)
      क्या तथाकथित विश्व-विजेता ऐसी नौटंकी के लिये भारत विजय पर आया था:)
      सच ये है कि सिकन्दर, राजा पोरस से हारा था!!!!

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    • haha tum muslim ragat aur ham hindu me ye hi to antar he ham hindu ne use paragit kar diya tha vale hi vo kitna bada yoddha tha aur tu musalman drychya rakta unka great mant ho tum sab muslim ko bharat se aagiban karobar nahidiya to mera naam badal dunga ek din

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    • bhai tum kaha se ho tum lagta hai sachae nhi jante poras is great yodha
      lagta hai 200 year angrejo ne india pe raj kiya lagta hai tum esilia tum sikandar ka gun ga rhe ho
      bharat wale etne bevkuf hai ki sikandar ka gun gate vsake bare me film bhi banate hai
      tum ye sayri sune ho jo jita vahi sikandar
      agar tum bhart vasi hote to tb ye bolte jo jita vahi poras
      i am indian tum kaha se ho muslman ko n tabhi uska gun ga rhe ho

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  20. हमारे देश में उससे भी महान राजा थे लेकिन वो आपस में ही लड़ते थे अगर सब इक्ट्ठा होकर संयुक्त रूप से लड़ते तो ऐसे में पूरे विश्व में भारत का शासन होता
    इतिहासकारों ने तो डर के झूठ को भी सच कह दिया
    हार को जीत कह दिया

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  21. कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोग हैं जो इस आक्रंता अलेक्जेंडर को महान कहते हैं क्योंकि संभवत वे लोग महानता की परिभाषा से अनभिज्ञ हैं, यदि उन लोगों को यह पता होता कि यह वही दुष्ट अलेक्जेंडर हैं जिसने अपनी महत्वाकांक्षा की पूर्ति हेतु न जाने कितने निरपराध सिरों को अपनी मूर्खता से बड़ी निरादयता पूर्वक कुचला।

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  22. are opposition parti ke netao jra socho jo insan apne bapko mar skta hai kya wo khush hokr kisiko apna jitahuwa rajy louta dega.jisne apne bhayio tk ko na chhoda wo itna dani kaise ho skta hai ke bhart jaisa itna bda rajy aur itni jyada dhan doult chhod ke chala jaye kya wo itna bevkoof hai? nhi. wo pors se hara tha .jra socho agr usne pors ko rajy de bhi diya hota to wo age kyu nhi bdha?itna bda desh itna jyada sona q chhod kr gya jo pure bhart ko jitne aya tha?asl me pors aur vha ke sthaniy logone unhe janehi nhi diya .aur ji ha wo hara tha to agr wo bhart jit hi nhi paya to use wishw vijeta khneki jrurt to bilkul nhi hai.

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  23. मदरसा की पढ़ाई छोड़ के सभ्य समाज के school me जाना चाहिए
    बोलो अब धरती पे पहिला इंसान मुसलमान था
    रेडियो पर सुनाओ एक बार….
    क्यो तियापन्ति कररहे हो badhya विज्ञान की शिक्षा लो नोकरी पे लगो

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  24. आधे लोग तो इसे मुस्लिम बादशाह समझ रहे है, अरे मिटटी के माधवो उसका नाम अलेक्ज़ेण्डर था, वो एक ग्रीक था ना की मुस्लिम, साहिल ने ठीक लिखा की वो सिर्फ 5% हिस्सा ही जीत पाया था विश्व का, वो भी वो हिस्सा जो उसके घर के आस पास ही था,

    चाणक्य और चन्द्रगुप्त मौर्य से टकराने की उसकी हिम्मत ही नही पड़ी, और मैं नही मानता उसे महान, वो महान होगा अपने देश के लोगो के लिए, मेरी भारतीयता मुझे प्रेरित करती है मेरे देश के वीर राजाओ को महान मानने के लिए। क्या किया सिकंदर ने भारत वालो के लिए जो महान महान का गाना गाते हो, वो सिर्फ एक आक्रमणकारी था।

    ज़िन्दगी भर जंगलो में रह कर मातृभूमि की रक्षा में प्राण गंवाने वाले महाराणाप्रताप को कोई नही पूछता, दूसरी तरफ 22 साल की उम्र तक हरम में रहने वाला, दूसरो की भूमि छीनने वाला, छोटी छोटी हिन्दू राजकुमारियों से शादी करने वाला, हज़ारो लोगो के सर गर्दन से अलग कर उनकी मीनारे बनाने वाला , पिता समान बैरम खान की हत्या करवा कर उनकी पत्नी से शादी करने वाला अकबर महान हो गया।

    वाह जी वाह, शर्म आती है महानता की ऐसी परिभाषा पर।

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    • चाहे सिकन्दर एक महान साम्राट ना हो पर वो एक महान योद्धा था जिसमें हिम्मत थी विश्व विजेता बनने का सपना देखने की और तुम उसे मार काट करने के लिए क्रूर कहते हो ऐसा कौन सा यद्ध है जो बिना मारे जित सकते है जब एक 20 साल का लड़का विश्व विजेता बन रहा था तब हमारे राजा अपनी रानी की गोद में सो रहे थे कभी हिंदुस्तान से बाहर तो गए नहीं विश्व विजेता घंटे बनेगे उसके लिए लड़ना पड़ता है काम तो कुछ किया नहीं इनको महान बना दो बस किश चीज के महान टैटू थे

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      • लगता है आप तो World Tour के बाद ये कमेंट कर रहे हों। युद्ध के बाद जमीन जीतना अलग बात है और अपनी भूख पूरी करने के लिए लोगों मारना काटना अलग बात। लगता है आप पर वामपंथ का गहरा प्रभाव है।

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        • हर युध में निर्दोष ही मारे जाते हाँ चाहे वो भारत के राजाओं के बीच का युद्ध कूँ ना हो ओर रही सिकन्दर कीं जीत की बात बेशक वो पूरा विस्व ना जीत पाया बेसक वो अपने अधूरे सपने के साथ वापस लोटा लेकिन उसककी हिम्मत , लगन जानूँ उसने जो सबसे अलग किया उसे विस्व विजेता कहलाना ग़लत ना होगा ……..

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      • फ़िर सिकंदर कैसे महान हो गया ? भारत को तो जीत नही पाया था वो ! ????? यहा से मार कर गया और अपने घर जिंदा नही पहुँचा था ? घंटे का महान था ? वो उन राजाओं से हार कर गया था जो अपनी रानियों की गोद मे बैठे रहते थे ! और जब चंद्रगुप्त से समना हुआ तो अपने सैनापति की लड़की देकर गया था ? भारत वाले दामाद है तेरे सिकंदर महान के ! समझा

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        • अगर आपमें हिम्मत है तो सुनो.
          आप ने सवाल किया सिकंदर महान कैसे हो गया
          आप पहले जाकर इतिहास पढ़िए सिकंदर ने फारस को हराया था आपको अंदाजा भी है उस समय फारस क्या चीज था फारस प्राचीन दुनिया की सुपर पावर था अगर पोरस इतने ही महान थे तो उन्होंने पारस को क्यों नहीं हराया पारस ने पारस पर आक्रमण क्यों नहीं किया जो काम करने का कोई सपना भी नहीं देखता था वह काम सिकंदर ने कर दिखाया अपने राज्य से 40 गुना बड़े साम्राज्य को हराया यह काम कोई नहीं कर पाया आप के तथाकथित हिंदू वीरों को छोड़ दीजिए इंसानी इतिहास में और इस पृथ्वी ग्रह के इतिहास में कोई इंसान नहीं हुआ जो ऐसा कुछ कर पाया हो
          ऐसे महान हो गया. अब आपको समझ आ गया होगा.

          दूसरी बात सिकंदर और चंद्रगुप्त का कभी युद्ध नहीं हुआ जब सिकंदर की बेबीलॉन में मृत्यु हुई तब चंद्रगुप्त एक बच्चे थे और मगध पर धनानंद का राज था चंद्रगुप्त और सिकंदर कभी आमने सामने भी नहीं आए आप पहले इतिहास पढ़िए चंद्रगुप्त का युद्ध सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस निकेटर से हुआ था ना कि सिकंदर से

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          • भाई साहब अब आपको कौन समझाए
            यदि आज अमेरिका, कनाडा पर हमला नहीं करता इसका मतलब ये तो नहीं की अमेरिका कनाडा से डरता है दोनों को एक दूसरे से युद्ध की कोई आवश्यकता नहीं इसलिए दोनों युद्ध नहीं करते वैसे ही स्थिति पोरस और pharas की थी और यदि आप ये कहते हैं की पोरस ने pharas से युद्ध नहीं किया तो ये बताइए की क्या सिकंदर के आने के पहले pharas ने कभी पोरस से युद्ध किया यदि नहीं किया इसका मतलब की pharas भी पोरस से डरता था

      • Hme vishaw vijeta nhi bnna, hm logo ke dilo ko jitate h, hm kisi mulk ko apne aadhin nhi banate bs apne matrbhumi se pyar Hai. Hmne kabhi kisi desh Ka Na apman kiye h Aur na kisi Ka 1″jamin liye bs lade to apne matrbhumi ke liye wo bhi samne se kayro ki tarh nhi Ek veer yodha ki tarh Hme Garw h apne veer yodhao pr, Jai hind.

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    • Are bhai agar maharana pratap mhan hota to akbar se yudh na harta or jangle jangle jaan bachane ke liye bhaga na firta samjha mahanta use kehte hain jo dusro ka samna kr sake kayro ki tarha bhagne ko mahanta ni kehte.

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      • क्या महाराणा प्रताप डर कर भागे थे?

        अगर वो डरे होते, तो दूसरे राजपूत राजाओं की तरह अकबर के आगे हथियार डाल देते। उन्होंने मरते दम तक हार नहीं मानी थी। जिस हिसाब से आप कह रहे हैं, तो फिर अकबर को खुद ही महान बनने के लिए महाराणा प्रताप से द्वंद युद्ध करना पड़ता। मेरे ख्याल से अकबर अपने से दोगुणे महाराणा प्रताप के सामने एक मिनट भी शायद ही टिक पाता।

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      • खान साहब महाराणा प्रताप की महानता आप नहीं समझ सकते क्योंकि आप की आंखों पर इस्लाम का चश्मा चढ़ा है. सिकंदर को महान बताने के लिए महाराणा प्रताप की बेजती करना जरूरी नहीं

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  25. एसा तो इतिहासकार ही नही हुआ जिसने सिकन्दर के बारे मे इतनी बेहुदा बाते लिखी हो और सिकन्दर की सच्चाई तुम किया जानो सिकन्दर ने पश्चिम से लेकर पूर्व तक राज किया यहा तक के वो वहा तक पहुचं गया जहा याजूज -माजूज दानव की कोम रहती थी फिर वहाँ के बादशाह की साथ मिलकर एक लोहे की दिवार खडी की और उन्हे बन्द कर दिया जो दिवार अल्लाह के हुक्म से कयामत के वक्त हट जाएगी और वहाँ से बहार निकल कर इन्सानो को खाएगें और मग्रिब तक जब सूरज निकलने की जगह पर पहुचां तो देखा के दल-दल मे डूबता देखना (सूरज आसमान मे तैरता रहता है)महसूस होने पर वापस हो गया (जितना समय बढता जाएगा उतना ही सिकन्दर के इतिहास मे मुस्मुलिमो की मुखालिफ कोमे सिकन्दर के खिलाफ उसकी शान मे रद्दो बदल करते रहेगें,

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    • Schoolo me padhaya jane wala Desh ki Svatantrata va Congress ka Itihaas bhi galat hai
      Congress aur Vampanthiyo dwara tod-Marodkar likhwaya huaa Itihaas puri tarah se galat hai

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    • सही कहा भाई किसी के मानने या न मानने से कोई महान व्यक्ति का प्रभाव कम नही होता जब कि सारी दुनिया सिकंदर को महान कहती है और ब्लॉग पर लिखने से पहले उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए क्योकि बहोत लोग उन्हें रोल मॉडल यानी आदर्श मानकर जीते है

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    • सरफ़राज भाई ये ग़लत है लिखनेवाले धर्मे की बुराई नहीं की आप कहा जाति-वाद पे ले जा रहे हों

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  26. Raja ka kam hota hai…udhh karna..aur shatru ko harana…
    Sikandar ne kahi yudhh jite.
    Isliye we mahan the…
    Lekin insaniyat taur par nahi..
    Q ki jit ke bhram we apne hi logon par anyay karne lage…..
    Isliye we ek mahan yodhha the…par achhe insan nahi

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  27. कुछ भी लिख रहे हो जाके सही ज्ञान लेके आओ
    हमने बी पढ़ाई कर के रखी है क
    जो महान है वो है अब इसमें उसकी बुराई करने से कोई फर्क नई पड़ेगा

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    • आपने जो पढ़ाई कर रखी है वो आपको पढ़ाया गया है। हम ने जो हुआ उसे लिखा है।

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    • सिकंदर का धर्म नहीं था बल्कि उनकी अपनी ग्रीक सभ्यता थी जैसे कि हमारी प्राचीन सभ्यता थी। बस फर्क यह है कि उनकी सभ्यता अलोप हो गई और हम आज भी कायम हैं।

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  28. sikndar jarur Mahan hoga pr bharat k aage nahi bhaiyo aaur jo log chanky aaur chandrgupt ko ka mante hai unse meri slah hai ki vh usa or uk me jake dhekhe unka hi Talent sikhya jata hai udhar ke student ko .. jo ekta ko bahut manate the

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  29. i m not a great itihaskar but jha tak me janta hu isme likhi gyi bhut sari bato se me sahmat hu aur sikandar muslim nhi tha sirf nam muslim k jesa h q ki greek m bhi arabian culture bhut had tk pyi jati h

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    • मोहम्मद शरीब जी सिकंदर का असली नाम तो अलेक्जेंडर था जो कि आज मुस्लिम नहीं रखते हैं।

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  30. WELL, ALEXZENDER THE GREAT IS MY LOVE HE IS MY FATHER !! ALEXZENDER IS ALEXZENDER NO ONE CAN BEAT ALEXZENDER THE GREAT !! WHAT A STUPID MATTERS THAT ALEXZENDER IS NOT THE GREAT!! TRUTHS ARE ALWAYS GENUINES, GOODS PRACTICALS PLANE TRUTHS !! THAT ALEXZENDER IS MEGA GODS !! WAIT AND WATCH!!! MY NAME IS ASHESHSHYAAM

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  31. bhadwe salo sikandar ki mahanta is se hi jani ja sakti hai k world m kisi s bhi uske bare m pucho koi b bolega alxzendar the king who rules the world.
    aur salo india k bahar kisi ko batana chandragupt morya or chanakya k bare
    ghanta kisi ko pata hoga unke bare m
    sikandar ki mahanta is baat se hi mani ja sakti hai k wo aaj b sari dunya m aapne naam se jana jata hai
    baki sale chote mote raja to hazaro the.

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    • आपका कमेंट निरी मानसिक गुलामी की निशानी है। पश्चिमी देश ज्यादातर रोम और ग्रीक सभ्यता दी देन हैं, और सिकंदर ग्रीक का एक महान राजा था जिसकी वजह से वो अमेरिका सहित युरोप के देशों का दुलारा बना हुआ है।

      आपने घर से बाहर निकलकर झाकिए जरा……

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      • जब स्वामी विवेकानंद जी के गुरुदेव रामकृष्ण जी माँ काली की अति भावपूर्ण उपासना करते थे ~~तब उनमें माँ काली का प्रभाव साक्षात उतर आता था ~~~ईतना गहराई से होता था कि उनके हारमोन्स बदल कर मातृत्व का रौप धारण कर लेते थे ।
        जयजयराम

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    • chor daku lutero ko bhi koi bhulta hai bhala koi apko 100 rupye de na to app bhul jaoge mgr koi aap ko ek zor chhta lgaye na to hmesha yad rhta hai .to lutere atankvadi aur gunde hmesha yad rhte jaise hafisj saeed na ki chandra gupt morya .aur ha mhan logo ko popularity jrurt nhi hoti. jo aap chandr gupt ke bare me kh rhe the.

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    • देव जी साहिल जी ने आपको गाली नहीं दी तो आप उनको गाली क्यों दे रहे है ?साहिल जी ने अपनी बात कही अगर आपको पसंद नहीं आई तो मत पढ़िए पर कृपया गाली ना दीजिए

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  32. sahil kumar ji kya aap ye batayenge ki is baat mei kitni sachhai hai ke sikander ne apni hatheli ko kaatkar apni hastrekha khud hi banayi thi..?

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      • जो अशोक ने कलिंग युद्ध के पश्चात किया था। अपनी महत्वकांक्षा के लिए युद्ध करना और देश के लिए युद्ध करने में अंतर है। सिकंदर ने अपनी महत्वकांक्षा के लिए युद्ध किए थे, जबकि महाराज चंद्रगुप्त ने अपने देश के लिए।

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        • पहली बात तो महाराज चंद्रगुप्त नहीं सम्राट चंद्रगुप्त (मेरा उद्देश्य आप पर आक्रमण करना नहीं है मेरे मन में सम्राट चंद्रगुप्त के लिए एक विशेष स्थान है कृपया महाराज कहकर उनका अपमान ना करें) दूसरी बात महानता की जो परिभाषा आपने बताएं शत प्रतिशत सत्य है पर महानता की एक से अधिक परिभाषाएं होती है

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          • लेकिन वो ‘एक से अधिक परिभाषाएं’ कई जिंदगियों को खराब कर देती हैं।

        • बिल्कुल कर देती है पर हर युद्ध में जिंदगियां ही खराबी होती है चाहे युद्ध देश के लिए हो या अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए.

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  33. Bhai jab google Sikandar mahan man raha
    Hai to ap q nahi mante
    Ham aapki bat manege par apna
    Phd docoment aur apni research book ka
    Title batao

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    • हम यह इंकार नही कर रहे हैं कि सिकंदर महान है, बल्कि यह साबित कर रहे है कि सिंकंदर सिर्फ पंजाब तक आने से पहले महान था, उसके बाद उसकी ऐसी तुड़ाई हुई कि सारी महानता व्यास नदी में बह गई और वो वापिस लौट गया।

      अगर सिकंदर महान है तो फिर उसके सेनापति सेल्युक्स को हराकर पूरा पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान यवनों से लेना वाला और उसकी बेटी हेलेन से विवाह करने वाला चंद्रगुप्त कौन है?

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  34. I think Sikandar ke jaisa dusra orr koi nhi wo mhan ta orr aisa uske allwa na kbhi koi krr paya orr na kbhi koi krr paayga wo bhi ittni km age mein

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    • अरे भाई सिकंदर के ठीक बाद महाराज चंद्रगुप्त मौर्य ने उससे भी कम आयु में मौर्य साम्राज्य की नींव रखी थी।

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  35. ME NHI JANTA KI SIKANDAR KAISA THA LEKIN SIKANDAR EK VIJETA THA ,USKE BARE ME JO BHI YAHA POST KIYA H SAHI H YA GALAT BT I LIKE SIKENDAR

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    • सिकंदर की महानता के गुण गाने वाले भाइयों से मेरा सवाल है …………..वो कैसे महान था ? और आचार्य चाणक्य जिन्होंने अपनी कूटनीति से सिकन्दर को भारत से लौटने पर विवश कर दिया , चन्द्रगुप्त मौर्य ने अखंड भारत का निर्माण किया क्या उनकी महानता को सिकंदर से कम आँका जा सकता है?

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      • आप ने सवाल किया वह महान कैसे था अब जवाब सुन लीजिए
        अलेक्जेंडर ने फारस को हराया पारस प्राचीन दुनिया की महाशक्ति था और यूनान से 40 गुना बड़ा था ऐसा काम कोई तथाकथित हिंदू वीर की बात छोड़िए मानव इतिहास में कोई नहीं कर पाया इसलिए सिकंदर को महान कहते हैं. दूसरी बात आपने कहा आचार्य चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य ने सिकंदर को भारत से लौटने पर विवश कर दिया आप पहले इतिहास पढ़िए जब सिकंदर की मृत्यु हुई उस वक्त चंद्रगुप्त एक बच्चे थे और भारत में मगध राज्य में धनानंद राजा थे सिकंदर के मरने के बहुत बाद चंद्रगुप्त राजा बने चंद्रगुप्त और सिकंदर दोनों अलग-अलग काल के व्यक्ति यह दोनो कभी एक दूसरे से मिले तक नहीं युद्ध तो छोड़ दीजिए

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        • यश जी, जिन कबीलों ने सिकंदर की नाम में दम किया था, उनका नेतृत्तव चंद्रगुप्त ने ही किया था। और वो बच्चे नहीं किशोर थे। सिकंदर ठीक है, अपने राज्य से कई गुना बड़ा इलाका जीता था, लेकिन उसका जनसंख्या घनत्व बेहद कम था। भारत जैसे देश में, जहां जगह-जगह राज्य थे और आबादी घनत्व ज्यादा, उसे वापिस लौटना ही पड़ा। सिकंदर ने जिस फारस राज्य को जीता था, उसका 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आबादी रहित था।

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          • क्या लिख रहे हो साहिल जी आपको इतिहास का इतना सा भी ज्ञान नहीं और इतिहास पर इतना लंबा लेख लिखते हैं.
            फारसी साम्राज्य को हाजमोला की गोली समझे बैठे हैं क्या. उस समय फारसी साम्राज्य में ग्रह की 35 से 45% जनसंख्या थी अपने इतिहास के अध्यापक से पूछिए या सिर्फ Google पर सर्च कीजिएगा largest empire by percentage of world population 100 में से 100 बार फारसी साम्राज्य का नाम आएगा और आप बोल रहे हैं फारसी साम्राज्य में जनसंख्या कम थी ?

          • लेकिन साम्राज्य तो बहुत विशाल था ना। सिकंदर ने तीन अलग-अलग युद्धों में हराया था, ना कि किसी एक युद्ध में। हांलाकि वो हवाबाजी से नहीं जीता। लेकिन उसे जीतने में सालों लग गए। जबकि भारत में 19 महीनों में ही उसकी हवा निकल गई।

          • हां यह कुछ तर्कसंगत बात हुई. साम्राज्य बहुत विशाल था इसलिए ग्रह की 40% आबादी होने के बावजूद उसका जनसंख्या घनत्व कम था. आपकी इस बात से मैं सहमत हूं. भारत में 19 महीने में है उसकी हवा निकल गई यह बात भी बिल्कुल ठीक है. इसका एक कारण तो था भारत की महानता. भारत के लोगों जैसी देश भक्ति वीरता और मातृभूमि के लिए मर मिटने का जज्बा संसार में कहीं नहीं. पर और भी कारण थे जैसे मौसम हवा की नमी बीमारियां मच्छर और कीड़े एक अनजान देश जिसकी यूनानियों ने कहानियां तक नहीं सुनी थी ऊपर से उसकी सेना थकी हुई थी उन लोगों ने 10 साल से अपने बच्चों और घरों को नहीं देखा था और जैसा कि आपने कहा स्थानीय लोगों का भयानक विरोध. यह भी तो सच है. है ना साहिल जी ?

          • Aisa nhi lag rha ki aap Chandragupta ko jabardasti sikandar se jod rhe hain….padeshan karna aur sikandar ko harana…bhut fark hai…but sikandar ke jane ke baad Chandragupta ke yug ki shuruwat hui…akhand bharat ki shuruwat

      • चाणक्य नामक कोई भी व्यक्ति भारतीय इतिहास मे नही हुआ।

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        • आप जो भी हैं बंधु, आपको एक सलाह देना चाहुँगा, अगली बार kbc के लिए जरूर try कीजिएगा, क्योंकि हमें यकीन है, कि अगर आप hot seat पर पहुँच गए, तो आप 50 करोड़ जरूर जीत जाएंगे, भले ही सबसे बड़ा प्रश्न 7 करोड़ का हो।

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  36. SIKANDAR KE KAL ME AMERICA,AUSTRALIA NAHI KHOJE GAYE THE . TO WO POORI DUNIYA NAHI JEET SAKTA. AUR JIS ROUTE SE WO BHARAT AAYE THE WAH BHI POORI DUNIYA KO NAHI SAMETTA. AUR NA HI SIKANDAR ISLAM DHARM KA THA . ISLAM KA BAHUT BAD ME UDAY HUA . US SAMAY KE SABOOT GREEKO DWARA LIKHE GAYE THE JO ALEXANDER KI BURAI KYON KARENGE. BLOGGER IS 99% RIGHT.

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  37. sikandar ke bare me ye saab galat baat hai usne adhi se ziyada dunia fateh karli thi aur wo mahan kahlane ke layak hai samjhe agar itihas ke baare nai pata ho to likhte kyu ho

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    • पहले तो मैं आपको पूछना चाहुँगा कि आपके घरवालों ने आपको कोई तमीज़ नही दी कि कैसे बोला जाता है। दूसरी बात यह कि गूगल पर सर्च कर लें सिकंदर आधी तो क्या 10 प्रतीशत दुनिया भी जीत नहीं पाया था।

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      • अल्फाज भाई को लगता है सिकंदर मुस्लमान था तभी ये उसकी तारीफ किये जा रहे हैं ………

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      • साहिल जी मुझे लगता है अल्फाज़ जी के पास तमीज ही नहीं ज्ञान की भी कमी है तभी यह 7% को आधी दुनिया समझ रहे हैं.
        अरे अल्फाज जी सिकंदर के बारे में बताने के लिए अतिशयोक्ति अलंकार के रूप में कहा जाता है कि सिकंदर आधी दुनिया जीत गया था. इस बात का आलंकारिक (figurative) अर्थ होता है ना की अक्षरशः (literally) पर यह सब मदरसे में नहीं समझाया जाता

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      • dekhiye usne sirf 10 percent hi duniya jiti thi kyuki us samay jyada civilization nhi thi aur jo thi wo sirf 8 ya 10 percent hi thi

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    • jab aapko uske baare me nahi pata toh comment kyu karte ho , jo chandragupt morya se haar gaya porus se haar gaya use aap mahaan kehte ho GROW UP @ Alfaz..

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      • No, Chandragupta maurya did not defeat Alexander!! They did not even meet!

        Chandragupta maurya didn’t come to power when Alexander came to North western part of India.

        The major power in India at that time was the Nanda empire and the power of the nanda empire was one of the major reasons why Alexander didn’t come further into India.

        However, Chandragupta maurya waged and won a war against Seleucus Nicator I, the general of Alexander took over the eastern part of the Alexander’s empire after his death.

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    • मैं यह नहीं जानता कि सिकन्दर महान था या नहीं पर इतना तो जानता हूँ कोई भी इतिहास पूरी सही नहीं है।
      रही बात मुसलमानों की जब से दुनिया में इन्सानों का बसेरा हुआ, पहला इन्सान मुसलमान ही था। क्यों आप बाबा आदम (Adam in Bible) को नहीं जो हमारे बाप दादा हैं
      तो बताइए मुसलमान कब से हैं। आपको यह मालूम होना चाहिए कि ईसा मसीह (Jesus) ईसाई नहीं थे वो भी मुसलमान थे। आप सोच रहे होंगे कि ईसा मसीह मुसलमान कैसे हो सकते हैं क्योंकि वो एक ख़ुदा या में मानते थे और जो एक ख़ुदा या ईश्वर को मानता है वह मुसलमान है।

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      • वैसे कौन से मदरसे में पढ़ाई की है आपने…………

        कल को आप कहेंगे कि श्रीराम, कृष्ण, बुद्ध, चाणक्य और चंद्रगुप्त भी मुसलमान थे।

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  38. इतिहासकारों के अनुसार सिकन्दर को रोकने हेतु कबीलों व छोटे छोटे राज्यों का नेतृत्व चन्द्रगुप्त मौर्य ने किया था जो चाणक्य का शिष्य था कुटनीति चाणक्य की युद्ध कौशल व वीरता चन्द्रगुप्त मौर्य की।इसप्रकार चन्द्रगुप्त मौर्य व चाणक्य ने ईसा पूर्व देशभक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण देते हुये न केवल देश को गुलाम होने से बचाया अपितु खण्ड खण्ड में बंटे हुये भारत को अखण्ड भारत बनाया व देश की सीमाओं का विस्तार किया चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित साम्राज्य की विशालता को कोई भी भारतीय राजा प्राप्त नही कर पाया ।देशहित के लिये ऐसे व्यक्तित्व को महादेशभक्त कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी

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    • मुझे आपकी संक्रित मानसिकता पर तर्स आता है, वो महान जरूर था पर उसकी महानता को भारतियों से ब्यास नदी से आगे नही बढ़ने दिया और वर्तमान समय में बहुत थोड़ा क्षेत्र ही ब्यास नही वाला भारत में है।

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      • Sikandar Veer Yodha ho sakta hai Par mahan shashak nahi ho sakta kuch udaseen log Rati Ratai Baaton Mein Vishwaas Karte Hain …..I love my india….. Bhartiya Itihas me aise bahut se Veer Hai your comment is very good

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  39. बहुत ही खूब कहा है महोदय आपने
    इस अहम् जानकारी हेतु आपका धन्यवाद और आगे भी ऐसी जानकारी हेतु आपसे आशा करते है
    धन्यवाद

    Reply
  40. सही बात है। सिकन्दर कभी भी भारत पर जीत दर्ज करने मे सफल नहीं हो सका ।भारत ,बर्मा, नेपाल, चीन,जापान, कोरिया, फिलीपींस,को बिना जीते सिकंदर विश्व विजेता कैसे हो सकता है।अगर कुछ लोग सिकंदर को विश्व विजेता मानते हैं तो इसमें उनका कोई दोष नहीं, क्योंकि वो मानसिक दीवालियापन (पागलपन) के शिकार हैं।उनको आगरा के मेंटल असाइलम (पागल खाने) मे जाकर जल्द से जल्द इलाज करवाना चाहिए।

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    • आदिल जी शायद आपको इतिहास का थोड़ा कम ज्ञान है, वहां ईसवी पूर्व लिखा गया है मतलब कि ईसा से इतने वर्ष पहले। अपने इतिहास के अध्यापक को पूछिएगा।

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    • adil ji

      apko iswi aur iswi purv ( meaning B.C . before chirst ) ka matlab hi nahi pata. 0 year se pahle ko – minus mai count karte hai. isiliye sikankar ka janam 2016+356 =2372 sal pahle hua. or 2016+336= 2352 mai vo 20 sal ka hoga.

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  41. Hi kabeer addord aap us samye the k jb skikandar india aya tha jb nhi pta rhe tb kisi bdnam nhi kiya jta h.tum sikandar chapl le layk nhi ho smje skikandar great h hajaro saal tk rhega great……..kuch lyak ho nhi
    Vo great sikandar h smje tum tum ka k ho bol bol……. Apna dimag apne pass rk varna madari k kel dikha tu usi lyak h

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  42. Bahot hi rochak baaten hai ,
    Sochke hi sab rochka lagta hai to jab ye sab hua hoga tab kaisa raha hoga hamara Bharat desh
    Hame Garv hai ki ham bhaartiya hain

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    • सिकंदर नो जो सपना देखा था, विश्व को जितने का यही उसे महान बनाता है….। क्योकी ऐसा सपना पहले सिकंदर ने ही देखा था…। और अपने सपने को लेकर चलता रहा…। और उसने कुछ हिस्सों को जीत कर भी दिखाया…। लेकिन हमें भी पता है कि, भारत युद्ध मे ना ही किसी से कम रहा और ना ही किसी के सामने झुका…। भारत के इतिहास में ऐसे बहुत से राजाओं का उल्लेख है…। के वो ना कभी झुके और मरते दम तक हार नहीं मानते थे…। aur Mujhe To Lagta Hai Ki Bharat hi Aisa Desh tha Jaha Sikandar ko Hara Ne ki chal, ho rahi thi… Aur Kuch bhi ho vah BHARAT me hara Ne wala hi tha…..
      जय हिंद…! जय भारत….!

      Reply

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