इतिहास Archive

चीन का इतिहास, जानें चीन के 10 विशाल साम्राज्यों के बारे में

चीन का इतिहास भारत के इतिहास की तरह ही अत्यंत प्राचीन है। भारत की तरह ही यह विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक हैं। जिस तरह भारत ने ज्ञान – विज्ञान के क्षेत्र में विश्व को अनेकों चीज़ें दी, इसी तरह से चीन का योगदान भी कम नही है। ब्रिटिश जीव-रसायन शास्त्री जोसफ नीधम

अफगानिस्तान का इतिहास, कभी हिन्दू 100% थे यहां, आज है इस्लामिक देश

अफगानिस्तान का इतिहास लिखित रूप में सबसे पहले 500 ईसापूर्व से मिलता है जब यहां पर हख़ामनी वंश का राज था। हालांकि इस बात के पक्के सबूत है कि इससे पहले यह क्षेत्र मेड़ीज़ साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था और इसके कुछ क्षेत्र सिंधु घाटी सभ्यता के अंर्तगत आते थे। लगभग 4 हज़ार साल

कोलंबस ने भारत की जगह अमेरिका क्यों खोज़ा ? पढ़ें कोलंबस की पूरी जीवनी

कोलंबस वो व्यक्ति हैं जिन्होंने युरोप के लोगों को सबसे पहले अमेरिकी द्वीपों से परिचित करवाया था। अमेरिकी द्वीपों की खोज़ के बाद युरोप के अलग – अलग देशों में अमेरिकी क्षेत्रों को उपनिवेश बनाने की होड़ मच गई थी और कालांतर बड़ी तादाद में युरोपीयन लोग अमेरिकी द्वीपों पर जाकर बस गए। क्रिस्टोफर कोलंबस

पोरस का पूरा इतिहास, पोरस बहादुर था, लेकिन देशभक्त नहीं !

पोरस प्राचीन भारत के एक राजा थे जिनका राज्य झेलम नदी से लेकर चेनाब नदी तक फैला हुआ था। यह दोनो नदियां वर्तमान समय में पाकिस्तान में बहती हैं। राजा पोरस का समय 340 ईसापूर्व से 315 ईसापूर्व तक का माना जाता है। राजा पोरस इसलिए प्रसिद्ध हैं क्योंकि इन्होंने सिकंदर से एक युद्ध लड़ा

मंगल पांडे सिर्फ 22 साल की उम्र में बने थे सैनिक, जानें उनका पूरा इतिहास

मंगल पांडे अंग्रेज़ी राज के समय अंग्रेज़ सेना के एक सिपाही थे। शुरूआत में मंगल पांडे अपने ब्रिटिश मालिकों की बहुत इज्जत करते थे। पर धीरे – धीरे जब अंग्रज़ों का भारतीय जनता के प्रति व्यवहार हिंसक होता गया, वैसे – वैसे मंगल पांडे के मन में उनके प्रति गुस्सा भरने लगा। मंगल पांडे अंग्रेज़ों

धनानंद का इतिहास, 99 करोड़ सोने के सिक्के थे धनानंद के पास

धनानंद प्राचीन भारत के नंद वंश का अंतिम राजा था। नंदवंश ने चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में उत्तर – पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पर राज किया। नंद साम्राज्य उस समय भारत का सबसे बड़ा साम्राज्य था। नंद वंश के दो सम्राटों की जानकारी मिलती है। पहला महापद्मनंद और दूसरा धनानंद। आमतौर पर यह विवरण

सोमनाथ मंदिर का इतिहास, ऐसे किया था महमूद ग़ज़नवी ने सोमनाथ का अपमान

सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण प्राचीन हिंदु मंदिर है जिसकी गिणती 12 ज्योतिर्लिगों में सबसे पहले ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। ज्योतिर्लिग उन स्थानों को कहते है जहां पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए थे। सोमनाथ मंदिर गुजरात राज्य में सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल शहर में समुंद्री किनारे पर स्थित है। वर्तमान समय में बना
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