Sirius वो तारा है जो सबसे ज्यादा चमकता है, जानें इसके 17 रोचक तथ्य | Sirius Star in Hindi

Sirius Star in Hindi

Sirius Star in Hindi – सीरियस दो तारों का एक समूह है जो कि पृथ्वी से 8.6 प्रकाश वर्ष दूर है। दो तारो में से बड़े तारे को Sirius A और दूसरे को Sirius B कहा जाता है। दोनों तारो में से Sirius A का महत्व ज्यादा है क्योंकि यह पृथ्वी के आसामन में सबसे ज्यादा चमकने वाला तारा है।

1. वैसे रात को आसमान में हमें शुक्र ग्रह सबसे ज्यादा चमकीला दिखाई देता है, लेकिन वो एक तारा नहीं है, बल्कि एक ग्रह है। हमारे सूर्य के बाद Sirius A ही वो तारा है जो हमें सबसे ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।

2. Sirius तारा प्रणाली का जो चित्र ऊपर दिया गया है, उसमें ज्यादा चमकने वाला तारा Sirius A है, जबकि चित्र में बाईं तरफ थोड़ा नीचे Sirius B है।

3. Sirius A तारा इतना चमकीला है कि पृथ्वी के कुछ स्थानों से इसे दिन में भी देखा जा सकता है।

4. Sirius A तारे का अर्धव्यास हमारे सूर्य के अर्धव्यास से 71% ज्यादा है और वजन में लगभग दोगुना है। (Sirius Star A radius = 12 लाख किलोमीटर, Sun Radius = 6,95,700 किलोमीटर)

5. Sirius B तारा एक सफेद बौना (White Dwarf) है, यानि कि यह वो तारा है जिसका सारा ईंधन समाप्त हो चुका है।

6. Sirius B तारा पृथ्वी से थोड़ा छोटा है। इसका अर्धव्यास लगभग 5,900 किलोमीटर है जबकि हमारी पृथ्वी का 6,371 किलोमीटर।

7. भले ही Sirius B तारा आकार में हमारी पृथ्वी से थोड़ा छोटा है, लेकिन इसका वजन हमारे सूर्य के वजन के बराबर है।

8. Sirius Star B का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से 3,50,000 गुना ज्यादा है। यानि कि पृथ्वी पर किस चीज का वजन 3 ग्राम है, Sirius B पर उसका वजन 1,000 किलोग्राम होगा।

9. पृथ्वी का सबसे नजदीकी सफेद बौना तारा Sirius B ही है।

10. Sirius B अपने बड़े साथी के ईर्द-गिर्द चारों और अण्डाकार कक्षा में एक चक्कर लगाता है।

11. Sirius A तारे की सतह का तापमान लगभग 10,000°C है और B की सतह का तापमान 25,000°C है। यानि कि बड़े तारे की सतह का तापमान हमारे सूर्य की सतह से लगभग दोगुना और छोटे का लगभग पांच गुना है।

12. Sirius Stars को ‘Dog Star’ के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दी में इसे व्याध तारा कहा जाता है।

13. शब्द ‘Sirius’ ग्रीक भाषा के एक ऐसे शब्द आया है जो ‘चमक’ के लिए प्रयोग होता है।

14. प्राचीन भारत में इस तारे को ‘मृगव्याध’ के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ होता है – ‘हिरन का शिकारी’। यह अर्थ भगवान शिव के रूद्र रूप का प्रतीक है।

15. मिसर के वासियों को भी 4 हज़ार साल पहले इस तारे की जानकारी थी।

16. एक बात ध्यान रखने लायक है कि जितनी भी प्राचीन सभ्यताओं को इस तारे की जानकारी थी, वो Sirius A था, B नहीं। क्योंकि B तारे को आधुनिक खगोलीय दूरबीन बिना देख पाना असंभव है।

17. Sirius तारा प्रणाली हमारे सौर मंडल के करीब आ रही है जिसके कारण अगले 60 हज़ार सालों में इसकी चमक में वृद्धि होती चले जाएगी। लेकिन इसके बाद ये हमारे सौर मंडल से दूर जाना शुरू हो जाएगा और इसकी चमक फीकी पड़ने लगेगी। इसके बावजूद भी अगले 2,10,000 सालों तक ये पृथ्वी के आसमान में सबसे ज्यादा चमकने वाला तारा बना रहेगा।

Comments

  1. Bhaskar papnai

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  2. Khushbu Gupta

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      • Khushbu Gupta

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        • Deepender

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  3. Pulkit

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  4. Pulkit

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