Neon Gas से जुड़े 10 मज़ेदार तथ्य | Neon in Hindi

Neon in Hindi

Neon (नियॉन) Periodic Table का 10वां तत्व (Element) है जो कि साधारण कमरे के तापमान पर गैस के रूप में पाया जाता है। ये नोबल गैसों में से एक है। नियॉन एक रंगरहित, गंधरहित और निष्क्रिय गैस है। इस लेख में आपको नियॉन गैस से जुड़े 10 मज़ेदार तथ्य जानने को मिलेंगे, लेकिन उससे पहले इस तत्व से जुड़ी कुछ सामान्य बातें जान लें।

General Properties of Neon
Symbol प्रतीक Ne
Atomic Number परमाणु क्रमांक 10
Atomic Weight परमाण्विक भार 20.1797
Classification वर्गीकरण Non-metal
Room Temperature Phase साधारण अवस्था Gas
Density गैस घनत्व 0.0008999 g/cc @ 0°C
Melting Point गलनांक -248.59°C/ -415.46°F
Boiling Point क्वथनांक -246.08°C/ -410.94°F
Period Number पीरियड संख्या 2
Group Number समूह संख्या 18
Group Name समूह नाम Noble Gas

नियॉन गैस से जुड़े मज़ेदार तथ्य – Neon Gas Facts in Hindi

1. Neon की खोज़ दो और तत्वों के साथ एक प्रयोग में हुई थी। ये प्रयोग 1898 में Sir William Ramsay और Morris Travers ने किया था। उन्होंने अपने प्रयोग में वायुमंडल की हवा को तरल किया और फिर इसमें से नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, ऑर्गन और कार्बन डाइऑक्साइड को निकालने के बाद Krypton (क्रीप्टोण), Neon (नियॉन) और Xenon (ज़ेनान) को खोज़ा।

2. प्रयोग में Neon की खोज़ दूसरे नंबर पर हुई थी और इसका नाम ग्रीक भाषा के शब्द Neos पर रखा गया था जिसका अर्थ होता है – New अर्थात नया

3. भले ही Neon ब्रह्मांड में पांचवे नंबर पर सबसे ज्यादा पाया जाने वाला तत्व है, लेकिन फिर भी पृथ्वी के वायुमंडल में इसकी मात्रा सिर्फ 0.0018% है।

4. ब्रह्मांड में Neon की मात्रा 0.13% है, जबकि हमारे सूर्य में इसकी मात्रा केवल 0.1% है।

5. पृथ्वी पर नियॉन की कम मात्रा इसे एक महंगी चीज़ बना देती है। इस बात का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि तरल नियॉन को बनाना तरल हीलियम बनाने के मुकाबले 55 गुना ज्यादा महंगा पड़ता है।

6. नियॉन गैस तब बनती है जब तारों में अल्फा प्रक्रिया (Alpha Process) हो रही हो। अल्फा प्रक्रिया में हीलियम और ऑक्सीजन के मिलने से नियॉन बनती है। हां एक और शर्त जरूरी है नियॉन बनने के लिए, और वो ये कि जिस तारे में अल्फा प्रक्रिया हो रही हो, उसका पुंज (Mass) हमारे सूर्य से 8 गुना ज्यादा होना चाहिए।

7. Neon Helium के बाद दूसरी सबसे हल्की अक्रियाशील गैस है।

8. ये गैस advertising signs, vacuum tubes, wave meter tubes, high-voltage indicators, television tubes और plasma tubes में इस्तेमाल की जाती है।

9. तरल नियॉन को ठंडा करने वाले पदार्थ (refrigerant) के रूप में उपयोग किया जाता है।

10. नियॉन किसी अन्य तत्व के साथ कोई स्थायी यौगिक (Compound) नही बनाती है।

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Comments

  1. Pulkit Yadav

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