कर्नाटक में किस पार्टी की सरकार है?

वर्तमान समय में कर्नाटक राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। मई 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) को हराकर 122 सीटों का स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इस तरह से कांग्रेस फिर से इस राज्य में सरकार बनाने में कामयाब हो गई।

कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 113 सीटें होनी जरूरी हैं। कांग्रेस के पास 122 सीटों का स्पष्ट बहुमत है। बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) के पास 40-40 सीटें हैं। ध्यान में रखने वाली बात ये है कि बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) दोनों अलग-अलग हैं। यानि कि किसी तरह के गठबंधन में नहीं हैं।

सिद्दारमैया 2013 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं और वो वरुणा विधानसभा सीट से विधायक हैं। जनता दल (सेकुलर) के सदस्य के तौर पर वे दो बार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

कर्नाटक में किस पार्टी की सरकार है

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2013

साल 2013 के चुनाव से पहले 2008 के चुनाव में बीजेपी बी.एस. येदियुरप्पा की अगुवाई में 110 सीटें हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। लेकिन फिर भी ये बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 3 सीटों की दूरी पर थी। लेकिन बीजेपी को कुछ आज़ाद उम्मीदवारों का साथ मिल गया जिसकी वजह से ये पहली बार दक्षिण भारत के किसी राज्य में सरकार बनाने में सफल हुई। येदियुरप्पा तब कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे।

2008 से 2013 तक बीजेपी का पांच साल का कार्यकाल विघ्न रहित नही रहा और कई तरह के विवाद हुए। पार्टी से जुड़े कई लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। यहां तक पार्टी के लोगों पर यौन उत्पीड़न और भाई-भतीजावाद के आरोप भी लगे।

इन पांच सालों में बीजेपी के येदियूरप्पा समेत तीन अलग-अलग मुख्यमंत्री रहे। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण बीजेपी हाईकमान ने जुलाई 2011 में येदियुरप्पा का इस्तीफा मांग लिया और इसके बाद डी. वी. सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनाया गया। लेकिन पार्टी की अंदरूनी खींचातानी की वजह से 2012 की जुलाई में सदानंद गौड़ा को भी हटना पड़ा और इसके बाद जगदीश शेट्टार मुख्यमंत्री बनाए गए जो कि साल 2013 तक विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक मुख्यमंत्री बने रहे।

भले ही राज्य में कांग्रेस मुस्लिमों की पक्षधर मानी जाती है लेकिन बीजेपी पर भी हिंदुत्व को लेकर कई आरोप लगे। बीजेपी ने राज्य में गौ हत्या को बैन करने की कोशिश की जिसका कई सेक्युलर धड़ो से विरोध शुरू हो गया।

5 सालों के कार्यकाल की खींचातानी की वजह से 2013 के चुनाव में बीजेपी को करारी हार हुई और 2008 में 110 सीटें लाने वाली ये पार्टी महज 40 सीटों पर सिमट कर रह गई। लेकिन ध्यान में रखने वाली बात ये है कि मई 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

2013 के विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिली

कर्नाटक के 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में 5 मई 2013 को वोटिंग हुई थी जिसके नतीजे 8 मई 2013 को आए थे। राज्य में कुल 70.23% वोटरों ने मतदान किया था।

नतीजों के अनुसार अलग-अलग पार्टियों को मिलने वाली सीटों की गिणती इस प्रकार है-

कांग्रेस – 122
जनता दल (सेक्युलर) – 40
बीजेपी – 40
कर्नाटक जनता पक्ष – 6
बड़वारा श्रमिक रैथरा कांग्रेस – 4
समाजवादी पार्टी – 1
कर्नाटक मक्कल पक्ष – 1
सर्वोदय कर्नाटक पक्ष – 1
आज़ाद उम्मीदवार – 9

Image Source – Wikimedia.

कर्नाटक के विधानसभा चुनाव का इतिहास

कर्नाटक राज्य को ये नाम मैसूर राज्य के गठन के बाद दिया गया था। तब से इसमें कई क्षेत्रों को जोड़ा गया और निकाला गया। आज़ादी के बाद अब तक इसमें 14 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं जिसमें 9 बार कांग्रेस, 2 बार जनता पार्टी, 1 बार जनता दल और 1 बार बीजेपी की पूर्णकालिक सरकार रही। 2004 के चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुतम नही मिला था, इसलिए पहले तो कांग्रेस की सरकार बनी, फिर जनता दल (सेक्युलर) की और इसके बाद बीजेपी की सरकार सिर्फ 7 दिन के लिए रही। इसी समय राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के कारण दो बार राष्ट्रपति शासन भी लगा।

  1. 1952 – कांग्रेस
  2. 1957 – कांग्रेस
  3. 1962 – कांग्रेस
  4. 1967 – कांग्रेस
  5. 1972 – कांग्रेस
  6. 1978 – कांग्रेस
  7. 1983 – जनता पार्टी
  8. 1985 – जनता पार्टी
  9. 1989 – कांग्रेस
  10. 1994 – जनता दल
  11. 1999 – कांग्रेस
  12. 2004 – कांग्रेस/जनता दल (सेक्युलर)/बीजेपी
  13. 2008 – बीजेपी
  14. 2013 – कांग्रेस

ये पोस्ट पढ़ने के बाद आपको पता चल ही गया होगा कि कर्नाटक में किस पार्टी की सरकार है? अगर आपको कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास से जुड़ा कोई प्रश्न पूछना है, तो वो आप Comments के माध्यम से पूछ सकते हैं। धन्यवाद।

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  1. Akash

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  2. Pulkit Yadav

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