चीन का इतिहास, जानें चीन के 10 विशाल साम्राज्यों के बारे में

चीन का इतिहास भारत के इतिहास की तरह ही अत्यंत प्राचीन है। भारत की तरह ही यह विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक हैं। जिस तरह भारत ने ज्ञान – विज्ञान के क्षेत्र में विश्व को अनेकों चीज़ें दी, इसी तरह से चीन का योगदान भी कम नही है। ब्रिटिश जीव-रसायन शास्त्री जोसफ नीधम ने प्राचीन चीन के चार महान अविष्कार बताये जो हैं – कागज़, कंपस, बारूद और कागज़ के नोट।

Amazing China Facts in Hindi

चीन का इतिहास – China History in Hindi

वैसे तो चीन का इतिहास काफ़ी लंबा है, पर फिर भी हम इस पोस्ट में हम आपको चीन के कुछ महत्वपूर्ण राजवंशो के बारे में बताएंगे। वैसे तो इन में से एक को छोड़कर किसी भी रंजवंश ने आज के पूरे के पूरे चीन पर कभी भी शासन नहीं किया पर फिर भी उन में से कई का अधिकार चीन के पूरे पूर्वी क्षेत्र पर रहा है, यहां आज भी चीन की 90 प्रतीशत से ज्यादा आबादी रहती है।

प्राचीन चीन का इतिहास

शिया राजवंश / ज़िया राजवंश – Xia Dynasty

ज़िया चीन का सबसे ज्ञात प्राचीन राजवंश है जिसका समय 2070 से 1600 ईसापूर्व तक माना जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कई इतिहासकार इस राजवंश को केवल काल्पनिक ही मानते हैं।

ज़िया राजवंश का उल्लेख केवल चीनी साहित्य में ही मिलता है। अब तक कोई भी सबूत ऐसा नहीं मिला है जिससे यह सिद्ध हो सके कि यह वंश वास्तव में था भी जा नहीं।

Shang dynasty China History in Hindi

Shang dynasty (1600 से 1046 ईसापूर्व)

शांग राजवंश – Shang dynasty

शांग राजवंश 1600 से 1046 ईसापूर्व तक हुआ था। यह वंश चीन की पीली नदी की घाटी जिसे ह्वांगहो घाटी भी कहते है, पर राज करता था।

शांग वंश के होने के कई सबूत मिले हैं इसलिए इस वंश की वास्तविकता को ठुकराया नहीं जा सकता।

Zhou China History in Hindi

Zhou dynasty (1046 से 250 ईसापूर्व)

झोऊ साम्राज्य – Zhou dynasty

शांग राजवंश के कमज़ोर होने के कारण 1046 ईसापूर्व में झोऊ साम्राज्य ने उस युद्ध में हरा दिया और अगले कई सौ सालों तक चीन पर राज किया। झोऊ साम्राज्य का अंत 250 ईसापूर्व के समय के आसपास माना जाता है।

झोऊ काल में ही चीन में लोहे का प्रयोग शुरू हुआ और चीन की प्राचीन चित्रलिपि को विकसित करके एक आधुनिक रूप दिया गया।

झोऊ वंश के राजकाल को तीन हिस्सों में बांटा जाता है-

  1. पश्चिमी झोऊ काल (Western Zhou)
  2. बसंत और शरद काल (Spring and Autumn Period)
  3. झगड़ते राज्यों का काल (Warring States Period)

झोऊ वंश अपने अंतिम समय में कई भागों में बंट चुका था जिनमें से सबसे शक्तिशाली चिन वंश था। चिन वंश ने झोऊ के बाकी सभी वंशों को खत्म करके चिन साम्राज्य की स्थापना की।

Qin China History in Hindi

Qin dynasty (221 से 206 ईसापूर्व)

चिन जा किन साम्राज्य – Qin dynasty

चिन साम्राज्य केवल 221 से 206 ईसापूर्व तक केवल 15 सालों तक चीन पर काबिज़ रहा, पर फिर भी यह थोड़ा सा समय चीन के इतिहास में काफी महत्ता रखता है।

माना जाता है कि चीन को ‘चीन’ नाम चिन साम्राज्य से ही मिला। इसी वंश के राज काल के दौरान उत्तरी हमलावरों को रोकने के लिए चीन की विशाल दीवार का निर्माण शुरू करवाया गया। चीनी भाषा का और विकास करवाया गया और व्यापार के नियम ज्यादा स्पष्ट बनाए गए।

चिन वंश के अच्छे कामों के बावजूद कई विद्वान इनसे नफ़रत करते है क्योंकि इन्होंने अपने पहले के राजवंशों का नाम हमेशा के लिए मिटाने के लिए प्राचीन किताबें और ग्रंथ जलवाए और 400 से ज्यादा विद्वानों को मरवा दिया।

चिन वंश के पहले सम्रराट की मौत के बाद उसके दो मंत्रियों ने सोचा कि वो सम्राट के छोटे बेटे को गद्दी पर बैठाकर खुद शासन चलाएंगे पर बाद में दोनों में ही मतभेद हो गए। दोनों मंत्रियों के मतभेद के कारण राज्य में विद्रौह भड़कने लगे जिसकी फायदा पड़ोसी राज्य चू के नेता ने उठाया और उसने चिन सम्राज्य की सत्ता पर कब्ज़ा कर हान वंश की नींव रखी।

Han China History in Hindi

Han dynasty (206 ईसापूर्व से 220 ईसवी)

हान राजवंश – Han dynasty

हान वंश ने चीन पर 206 ईसापूर्व से 220 ईसवी तक यानि कि लगभग 400 साल राज किया। हान काल के बीच में 9 ईसवी से 23 ईसवी तक शीन राजवंश ने सत्ता हथिया ली थी, पर उसके बाद हान वंश फिर से सत्ता पर पकड़ बनाने में कामयाब हुआ।

हान काल को चीन का सुनहरा युग कहा जाता है जिसने चीन की संस्कृति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। हान काल का प्रभाव चीन पर अब भी है।

हान वंश ने अपने राज्य की सीमाओं को युद्धों द्वारा आगे तक फैलाया जो वर्तमान समय के कोरिया, वियतनाम, मंगोलिया और मध्य एशिया तक फैला था। हान वंश की विजयी यात्रा रेशम मार्ग की स्थापना में सहायक सिद्ध हुई।

तांग राजवंश – Tang dynasty

तांग राजवंश ने चीन के बड़े हिस्से पर 618 ईसवी से 907 ईसवी तक राज किया। इस राजवंश के काल में भी चीन की संस्कृति काफी बढ़ी-फूली। इसी दौरान बौद्ध धर्म भी चीन में बहुत फैला और विकसित हुआ।

तांग वंश ने 7वीं सदी में अपने राज्य की जनगणना करवाई और पता चला कि लगभग 5 करोड़ लोग राज्य में रहते है। ऐसी ही जनगणना 9वीं सदी में भी करवाई गई तब राज्य की आबादी लगभग 8 करोड़ हो गई।

सोंग राजवंश – Song dynasty

तांग राजवंश के पतन के बाद चीन कई छोटे राज्यों में बंट गया जिसके बाद सोंग राजवंश ने उनमें से कई को हराकर एक बड़े साम्राज्य की स्थापना की। सोंग राजवंश ने चीन पर 960 से 1279 ईसवी तक राज किया।

हान और तांग राजवंश की तरह ही सागं राजवंश में भी चीनी संस्कृति का बहुत विकास हुआ। सोंग राजवंश पहली ऐसा सरकार थी जिसने कागज़ के नोट शुरू किए।

इसी काल के दौरान बारूद की खोज़ हुई और चुंबक की मदद से दिशा पता लगाने का तरीका मिला।

मध्यकालीन चीन का इतिहास

Yuan China History in Hindi

Yuan dynasty (1271 से 1368 ईसवी)

युआन राजवंश – Yuan dynasty

युआन राजवंश मंगोलों का एक वंश था जिसकी स्थापना मंगोल सरदार कुबलई ख़ान नें 1271 ईसवी में की थी। चीन के बड़े भूभाग पर राज करने वाला यह पहला विदेशी राजवंश था।

यूरोप का प्रसिद्ध यात्री तथा व्यापारी मार्कोपोलो अपने पिता तथा चाचा के साथ वेनिस से चीन इसी समय पहुँचा था। थोड़े समय के लिये उसने कुबलाई खाँ के दरबार में नौकरी भी की थी। आपको बताते चलें कि कुबलाई खां चंगेज़ खां का पौता था।

युआन राजवंश 1271 से 1368 ईसवी तक चला था।

मिंग राजवंश – Ming dynasty

मिंग राजवंश ने चीन पर 1368 ईसवी से 1644 ईसवी तक लगभग 276 साल तक राज किया। इस राजवंश के दौरान चीन को एक बहुत ही सकारात्मक और योग्य सरकार मिली।

मिंग काल के दौरान चीन ने आर्थिक और राजनैतिक क्षेत्र में बहुत तरक्की की। कुछ इतिहासकार तो यहां तक कहा देते है कि “पूरी मनुष्य जाति के इतिहास में यह व्यवस्थित शासन और सामाजिक संतुलन का एक महान दौर था।”

Qing China History in Hindi

Qing dynasty (1644 ईसवी से 1912 ईसवी)

चिंग / किंग राजवंश – Qing dynasty

चिंग चीन का अंतिम राजवंश ने जिसने लगभग आज के पूरे के पूरे चीन पर 1644 ईसवी से लेकर 1912 ईसवी तक राज किया। दिलचस्प बात यह है कि चिंग वंश के लोग चीनी नस्ल के नहीं ते बल्कि वो मंचूरिया के रहने वाले मांचू जाति के लोग थे। वर्तमान समय में चीन में मंचू जाति के लोगों की संख्या लगभग 1 करोड़ है।

1911 से 1912 ईसवी के बीच किंग राजवंश के विरुद्ध एक जबरदस्त विद्रौह हुआ। किंग वंश विद्रौह को दबाने में तो सफल हो गया पर 1937 में उसे एक और विद्रौह का सामना करना पड़ा जिसमें उसकी हार हुई। सन यात-सेन ने किंग वंश के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था और जीतने के बाद चीन गणतंत्र राज्य घोषित हुआ।

1958 ईसवी में माओत्से तुंग ने आज के चीन People’s Republic of China की स्थापना की।

अगर आपको चीन का इतिहास कुछ रोचक लगां, तो हमें कमेंटस के माध्यम से जरूर बताएं। धन्यवाद

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Comments

  1. Amit

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  2. amit

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