निकोला टेस्ला वैज्ञानिक की कहानी, जिसने पृथ्वी को प्रकाश से सजाया

निकोला टेस्ला एक महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने कई महत्वपूर्ण आविष्कार किए। आज हमारे घरों में जो बिज़ली पहुँचती है वो AC सिस्टम (Alternative Current) के माध्यम से पहुँचती है जिसका आविष्कार निकोला टेस्ला ने ही किया था। इसलिए टेस्ला के बारे में कहा जाता है कि ‘वो वह व्यक्ति है जिन्होंने पृथ्वी को प्रकाश से सजाया’।

nikola tesla in hindi

टेस्ला के आविष्कार आइंस्टाइन और एडीसन के आविष्कारों से कम नही थे, पर चुपचाप रहने वाले इस व्यक्ति में वो आकर्षण नही था जो कि आइंस्टाइन और एडीसन में था। टेस्ला विज्ञान को समझते थे, पर सामाजिक व्यवहार को नही। इसलिए वो कभी भी उस ख्याति को प्राप्त नही कर पाए जो आइंस्टाइन और एडीसन को मिली।



Brief Introduction of Nikola Tesla in Hindi

निकोला टेस्ला का संक्षिप्त जीवन परिचय

निकोला टेस्ला का जन्म 10 जुलाई 1856 को आज के क्रोशिया देश में हुआ था। उनके पिता का नाम मिलुटिन टेस्ला और माता का नाम ड्युका टेस्ला था। वो अपने माता – पिता की 5 संतानों में से एक थे।

टेस्ला जब स्कूल में थे तो वो गणित के मुश्किल से मुश्किल सवालों का हल अपने मन में करने में ही सक्षम थे। उनके अध्यापकों को उन पर विश्वास नही होता था। वो अपने सिलेबस को कम समय में ही पूरा कर लेते थे।

1875 में उन्होंने पालीटेक्निक कॉलेज़ में प्रवेश लिया और 9 परीक्षाओं में पहला स्थान प्राप्त किया।

1881 में उन्हें एक टेलीग्राफ कंपनी में नौकरी मिल गई जहां उन्होंने संचार उपकरणो मे अनेक सुधार किये और टेलीफोन एम्प्लीफायर को नये रूप से बनाया। लेकिन उन्होने इस पर पेटेंट आवेदन नही किया।

1882 में उन्हें थॉमस एडीसन की कंपनी की फ्रांस युनिट में नौकरी मिल गई जहां उन्होंने बिज़ली के उपकरणों में कई सुधार किए। 1884 में उनका ट्रांसफर अमेरिका कर दिया गया जहां उन्होंने एडीसन के साथ काम किया। टेस्ला का थॉमस एडिसन के आविष्कारों में बहुत बड़ा योगदान रहा है, पर कुछ कारणों से दोनों में विवाद हो गया और टेस्ला ने एडीसन की कंपनी छोड़ दी।

एडीसन की कंपनी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी स्वयं की कंपनी खड़ी की जिसमें एक उद्योगपति ने उनकी सहायता की। जब उन्होंने AC बिज़ली प्रणाली को दुनिया के सामने रखा तो उनकी और पूरी दुनिया की किस्मत ही बदल गई। AC प्रणाली से दूर – दूर तक बड़ी आसानी से बिजली पहुँचाई जा सकती थी और काफी सस्ती भी थी। आज भी पूरी दुनिया में AC सिस्टम द्वारा ही घरो में बिजली उपलब्ध करवाई जाती है।

इसके बाद टेस्ला ने कई और आविष्कार किए और 7 जनवरी 1943 को 86 वर्ष की उम्र उनका देहांत हो गया।

Discoveries of Nikola Tesla in Hindi

निकोला टेस्ला की खोजें

  1. AC बिज़ली – AC से पहले पूरे अमेरिका में DC (Direct Current) की व्यवस्था लागू थी। DC उस बिज़ली की धारा को कहते है जो एक ही दिशा में बहती रहती है। पर टेस्ला ने DC की कई खामियों को उजागर किया और AC व्यवस्था लागू करने की बात कही। AC बिजली का फायदा यह है कि इसमें बिज़ली लगातार अपनी दिशा बदलती रहती है। इस की विशेषता यह है कि इसे DC के मुकाबले काफी दूर तक भेजा जा सकता है और इसमें बिज़ली की खत्म भी बेहद कम होती है।
  1. बिजली से चलने वाली मोटर – टेस्ला की बनाई बिजली की मोटर से ही आज पूरी दुनिया के पंखे, कूलर और अन्य घूमने वाली बिज़ली की चीज़ें चलती हैं।
  1. पहला जल विद्युत (बिज़ली) पावर स्टेशन – उन्होंने पहला जल बिज़ली स्टेशन बनाया जो बाद में सभी डैमों से बिज़ली पैदा करने का आइडिया बना।
  1. रेडियो और टेस्ला रॉड – मारकोनी को रेडियो का आविष्कारक माना जाता है। लेकिन यह भी सच है कि इस आविष्कार में टेस्ला का भी योगदान कम नहीं है। उसी ने यह सिद्धान्त दिया कि वायुमंडल के बाहरी आयनमंडल से होकर रेडियो तरंगें पूरी दुनिया में भेजी जा सकती है। उसने रेडियो में लगाई जाने वाली टेस्ला रॉड का भी आविष्कार किया।
  1. वायेरलेस संचार (Wireless) – सन 1890 से 1906 तक टेस्ला ने वायेरलेस तरीके से बिज़ली को एक जगह से दूसरी जगह पर पहुँचाने के तरीके पर काम किया, वो इसमें सफल तो नही हो पाए मगर उनका यहीं आइडिया बाद में लेसर किरणों (Laser Rays) का आधार बना। अपने इसी परियोजना में उन्होंने लाखों वोल्ट की आकाशीय बिजली बनाकर सबको दंग कर दिया था।

चुंबकीय प्रभाव, रिमोट कंट्रोल और राडार की खोज़ भी टेस्ला ने ही की थी। उन्होंने अपने जीवन काल मे 300 पेटेंट प्राप्त किये। इसके अतिरिक्त टेस्ला के द्वारा किये गये ऐसे कई अविष्कार है जिन्हे उन्होने पेटेंट नही करवाया।

Nikola Tesla Vs Edison (in Hindi)

निकोला टेस्ला और एडीसन

nikola tesla edison in hindi

टेस्ला और एडीसन के बीच की दुश्मनी पूरे विज्ञान जगत में चर्चा का विषय रह चुकी है। जब टेस्ला एडीसन के साथ काम करते थे तो उन्होंने टेस्ला को उनकी मोटर और जरनेटर को ज्यादा अच्छा बनाने का चैलेंज दिया और कहा कि यदि वो इस काम में सफल हो जाते है तो एडीसन उन्हें कई हज़ार डॉलर देंगे।

जब टेस्ला ने एडीसन की मोटर और जरनेटर को बेहतरीन बना दिया तो एडीसन इनाम देने के अपने वायदे से मुकर गए और गुस्से में आकर टेस्ला ने उनकी कंपनी छोड़ दी।

एडीसन का साथ छोड़ने के बाद टेस्ला ने उद्योगपति जार्ज वेस्टिंग के साथ मिलकर AC सिस्टम को दुनिया के सामने रखा जिसका एडीसन ने विरोध किया। एडीसन ने AC का विरोध इसलिए किया क्योंकि उस समय पूरे अमेरिका में DC बिजली सिस्टम लागू था और उनकी कंपनी बड़े पैमाने पर DC पर आधारित उपकरण बना रही थी। AC सिस्टम आ जाने से उन्हें काफी नुकसान होता।

एडीसन ने AC के प्रति लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाएं, उन्होंने कहा का AC बिजली बहुत हानिकारक होगी, इसलिए उन्होंने कई लोगों के सामने एक हाथी को AC बिज़ली से मारकर भी दिखाया। लेकिन हर घर में बिजली सिर्फ AC बिज़ली से ही पहुंच सकती थी, और अतंत: टेस्ला की विजय हुयी।

टेस्ला के प्रति एडीसन के मन में खीझ थी। जब मारकोनी और टेस्ला के बीच रेडियो की खोज़ को लेकर विवाद चला तो एडीसन ने मारकोनी का साथ दिया।

भले ही एडीसन और टेस्ला के बीच काफी तनातनी थी पर एडीसन ने अपने अंतिम वर्षों में टेस्ला के प्रति अपने व्यवहार को गलत बताया और सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी।

एडीसन के बारे में 13 रोचक तथ्य

Interesting Facts About Nikola Tesla in Hindi

कुछ रोचक तथ्य

1. निकोला टेस्ला ने हज़ारों किताबों को पढ़ा था और उनमें विलक्षण स्मृति थी। वे आठ भाषाओं के जानकार थे जिसमे सर्बो-क्रोएशीयन, चेक, अंग्रेजी, फ़्रेंच, जर्मन, हंगेरीयन, ईटालीयन और लैटीन का समावेश है।

2. टेस्ला अविवाहित थे और उनका मानना था कि उनका ब्रह्मचर्य उनकी वैज्ञानिक उप्लब्धियों मे सहायक रहा है। उन्होने एक इंटरव्यु मे कहा था कि शादी ना कर के उन्होने विज्ञान के लिये एक कुर्बानी दी है।

3. माना जाता है कि टेस्ला ने 1895-96 मे X किरण की खोज कर ली थी, जोकि रांटजेन के 1996 की खोज से पहले थी।

4. टेस्ला स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना 10 से 15 किलोमीटर की सैर करते थे।

5. अपने जीवन के अंतिम दिनो मे वे पूर्णत शाकाहारी हो गये थे और भोजन मे दूध , ब्रेड, शहद और सब्जीयों का रस लिया करते थे।

6. टेस्ला दावा करते थे कि उन के लिए दो घंटो की नींद काफ़ी है लेकिन वे अपने काम के बीच – बीच मे झपकीयाँ भी लिया करते थे।

7. उस युग के अन्य प्रसिद्ध वैज्ञानिको जैसे एडीसन, विलियम क्रुक के समान ही टेस्ला भी असामान्य चिजो जैसे आत्माओं की दूनिया, परग्रही का पृथ्वी पर अस्तित्व पर विश्वास करते थे।

8. टेस्ला को 3 अंक से काफी प्रेम था।

Death of Nikola Tesla

निकोला टेस्ला की मृत्यु

बाद के दिनों में टेस्ला के कुछ प्रयोग असफल रहे, जिससे वह डिप्रैशन का शिकार हो गए। उन्होंने बाहर के लोगों से मिलना कम कर दिया। 7 जनवरी 1943 को 86 वर्ष की उम्र में निकोला टेस्ला का देहांत हो गया।

टेस्ला को एक सनकी वैज्ञानिक माना जाता है। उन्होंने कई हैरान कर देने वाली और Unpractical चीजों पर भी काम किया जैसे कि बेतार ऊर्जा प्रणाली (Wireless Energy System) और मृत्यु किरण हथियार आदि। उनकी कई सनक भरी आदते थी, लेकिन अब यह माना जाता है कि वे मनोग्रसित-बाध्यता विकार (Obsessive–compulsive disorder /OCD) से पिड़ीत थे, जो कि उन जैसे अकेले रहने वाले वैज्ञानिको के लिए सामान्य है।

Lagacy and Honors to Nikola Tesla

टेस्ला का सम्मान

माना जाता है कि टेस्ला को उनके आविष्कारों का श्रेय नही मिला और उनके प्रयोगो को सरकार ने दबा कर रखा है। हालांकि यह बात सच है कि एडीसन के मन मे टेस्ला के लिये दुर्भावना थी और पेटेंट विभाग ने रेडीयो के अविष्कार का पेटेंट उनकी बजाय मार्कोनी को दिया था। लेकिन यह यहीं तक सिमित है कि विज्ञान जगत ने टेस्ला को पर्याप्त सम्मान दिया है जिसके कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं –

Interesting Facts About Nikola Tesla in Hindi

1. निकोला टेस्ला के 75वें जन्मदिन पर टाइम मैगज़ीन ने अपने कवर पेज़ पर उन्हें जगह दी थी। इस अवसर पर उन्हे 70 महान वैज्ञानिको से प्रसंशा पत्र प्राप्त हुये थे जिसमे आइंस्टाइन भी एक थे।

2. चंद्रमां पर 26 किलोमीटर व्यास वाले एक गड्ढे को टेस्ला नाम दिया गया है।

3. मंगल और बृहस्पति के बीच मिलने वाले क्षुद्रग्रहों में से एक का नाम 2244 टेस्ला रखा गया है।

4. सर्बीया देश के एक बिज़लीघर का नाम TPP टेस्ला है। सर्बीया के ही 100 के नोट पर टेस्ला का चित्र है।

5. अमेरिका की एक कंपनी जो बिज़ली से चलने वाली कारों को बनाती है का नाम टेस्ला मोटर्स है।

6. चुंबकीय प्रभाव की ईकाई टेस्ला उन्ही के सम्मान मे है।

7. उनके नाम पर टेस्ला पुरस्कार दिया जाता है।

loading...

Note : अगर आपको निकोला टेस्ला से संबंधित से जानकारी अच्छी लगी हो तो हमें आपने कमेंटस के माध्यम से जरूत बताएं। धन्यवाद

Comments

  1. sunil

    Reply

  2. manohar pawar

    Reply

  3. Kamal

    Reply

    • Reply

  4. Reply

  5. VIJAY SAHNI

    Reply

  6. Anonymous

    Reply

  7. Gaurav

    Reply

  8. HindIndia

    Reply

  9. Tanveer Hussain

    Reply

  10. रामकिशन सारस्वत

    Reply

  11. Abhishek Yadav

    Reply

  12. Anonymous

    Reply

  13. Anonymous

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!