आंध्र प्रदेश के इतिहास, भुगोल, संस्कृति आदि से जुड़े 50 से ज्यादा रोचक तथ्य

andhra pradesh in hindi

आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित राज्य है। इस पेज़ पर आपको आंध्र प्रदेश के इतिहास, भुगोल, संस्कृति, धर्म आदि से जुड़े 50 से ज्यादा रोचक, मज़ेदार और अनसुने तथ्य जानने को मिलेंगे।

आंध्र प्रदेश से जुड़े बुनियादी तथ्य

  • राजधानी – हैदराबाद (10 साल के लिए, इसके बाद अमरावती होगी)
  • आधिकारिक भाषा – तेलुगु
  • क्षेत्रफल – 160,205 km²
  • जनसंख्या – 4,93,90,000
  • साक्षरता दर – 67.4 प्रतीशत
  • जिले – 13
  • विधानसभा सीटें – 175 + 58 (द्विसदनीय प्रणाली)
  • लोकसभा सींटे – 25
  • राज्यसभा सीटें – 11
  • स्थापना – पहली (1 अक्तूबर, 1953), दूसरी (1 नवंबर 1956), तीसरी (2 जून 2014)
  • पहले मुख्यमंत्री – टंगटूरी प्रकाशम
  • पहले राज्यपाल – चंदूलाला माधवलाल त्रिवेदी

Note : इस पेज़ पर तेलंगना राज्य से जुड़ी जानकारियां शामिल नही की गई है। तेलंगाना राज्य से जुड़ी जानकारी अलग पोस्ट में दी जाएगी।

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आंध्र प्रदेश की जनसंख्या से जुड़े आंकड़े

  • आंध्र प्रदेश लगभग 5 करोड़ की आबादी के साथ भारत का 10वां सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है।
  • 1000 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का अनुपात 993 है जो राष्ट्रीय अनुपात 926 से कहीं ज्यादा है।
  • राज्य की 88.5 प्रतीशत जनसंख्या द्वारा तेलुगु भाषा बोली जाती है। तेलुगु भारत की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
  • राज्य में प्रमुख भाषाई अल्पसंख्यक समूहों में उर्दू 8.63%) और हिन्दी (0.63%) तथा तमिल (1.01%) बोलने वाले शामिल हैं।
  • आंध्र प्रदेश का मुख्य जातीय समूह तेलुगू लोग हैं, जो मुख्यतः आर्य और द्रविड की मिश्रित जाति से संबंधित हैं।
धर्म के अनुसार आंध्र प्रदेश की आबादी
धर्म तेलुगू अन्य भाषा कुल
हिंदु 82% 2% 84%
मुसलमान 1% 8% 9%
ईसाई 4% 1% 5%
अन्य धर्म 0.5% 0.5% 1%

आंध्र प्रदेश के राज्य चिह्न

andhra pradesh state symbols

  • राजकीय पेड़ – नीम
  • राजकीय फूल – कुमुद (वाटर लिली)
  • राजकीय फल – आम
  • राजकीय जानवर – काला हिरन
  • राजकीय पक्षी – नीलकंठ पक्षी (Indian roller)
  • राजकीय खेल – कबड्डी

आंध्र प्रदेश के इतिहास से जुड़े तथ्य

  • आंध्र प्रदेश का उल्लेख ऋग्वेद और महाभारत जैसे प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में मिलता है। 2800 साल पहले रचित ऋग्वेद की ऐतरेय ब्राह्मण शाखा से पता चलता है कि ‘आंध्र‘ नाम की जाति उत्तर भारत से दक्षिण भारत चली गई थी। वर्तमान आंध्र प्रदेश का नाम इसी प्राचीन आंध्र जाति के नाम ऊपर रखा गया है।
  • आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों से मिले शिलालेखों से पता चलता है कि यह मौर्य साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था। चंद्रगुप्त मौर्य के राज दरबार में राजदूत बनकर आया मेगस्थनीज़ लिखता है कि आंध्र प्रदेश में 1 लाख पैदल सेना, 100 हाथी और 200 घोड़सवार पैदल सेना तैनात की गई थी।
  • अशोक अपने 13वें शिलालेख में लिखता है कि आंध्र जाति उसके अधीनस्थ थी। अशोक की मृत्यु के पश्चात मौर्य साम्राज्य का पत्न शुरू हो गया और आंध्र प्रदेश में शातवाहन उभर कर सामने आए।
  • शातवाहनों ने लगभग तीसरी सदी तक आंध्र प्रदेश के बड़े हिस्से पर राज किया। इसके बाद 12वी और 13वी सदी तक यहां अलग-अलग राजवंशों का राज रहा जिनमें ईक्ष्वाकु राजवंश, पल्लव, आनंद गोत्रिका, विष्णुकुंडीना, पूर्वी चालुक्य, चोल और काकतीय शामिल हैं।
  • सन 1323 ईसवी में दिल्ली के सुल्तान गिय़ास-उद-दिन तुग़लक ने उलघ ख़ान की अगवाई में आंध्र को जीतने के लिए एक विशाल सेना भेजी और वहां के राजा प्रतापरूद्र को कैद कर लिया।
  • आंध्र प्रदेश पर दिल्ली सल्तनत के कब्ज़े के महज 3 साल बाद ही मुसुनूरी नायकों ने सल्तनती फौज़ को भगा दिया और अगले 50 साल तक राज किया।
  • 16वीं सदी के प्रारंभ से 17वीं सदी के अंत तक लगभग दो सौ वर्षों के लिए कुतुबशाही राजवंश का आंध्र देश पर आधिपत्य रहा।
  • जब कुतुबशाही साम्राज्य पर अंग्रेज़ों का राज हो गया तो उन्होंने निज़ाम को हैदराबाद सहित कुछ प्रदेशों में उनके अधीन रहकर राज करने की अनुमति दे दी थी।
  • सन 1947 में जब भारत आज़ाद हुआ तो हैदराबाद का निज़ाम भारत से अलग होना चाहता था, पर राज्य की 80 फीसदी से ज्यादा आबादी हिंदु थी जिसने इस बात का विरोध किया।
  • हैदराबाद के निज़ाम ने हिंदुओं को दबाने के लिए 2 लाख मुस्लिम गुंडो की फौज़ पाल रखी थी जिन्होंने हिंदुओं के विरुद्ध दंगा कर दिया ताकि वो भारत से मिलने के लिए आंदोलन ना करे।
  • हैदराबाद की स्थिती को भांपकर सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारतीय सेना को ऑपरेशन पोलो के तहत हैदराबाद भेजा जिसने कुछ ही समय में निज़ाम की फौज़ की धज्ज़ियां उड़ा दी।
  • निज़ाम ने सरदार पटेल के पैर पकड़ कर अपनी जान बचाई और भारत में शामिल होने के लिए तैयार हो गया।

आंध्र प्रदेश के भुगोलिक तथ्य

  • आंध्र प्रदेश 1,60,205 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र के साथ भारत का आठवा सबसे बड़ा राज्य है।
  • आंध्र प्रदेश की सीमा पांच राज्यों से मिलती है – तेलंगना, छतीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक और तमिननाडू। इसके सिवाए केंद्र शाशित प्रदेश पुदुचेरी (पॉंडिचेरी) इसके उत्तर – पूर्व में स्थित है।

andhra pradesh gk in hindi

  • राज्य के पूर्वी तटीय हिस्से को तटीय आंध्र प्रदेश (Coastal Andhra) और पश्चिमी भाग को रायलसीमा जा सीमांध्र कहते है। ऊपर हरे क्षेत्र में तटीय आंध्र प्रदेश को दिखाया गया है।
  • क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा Tiger Reserves ‘नागार्जुन श्रीशैलम सैंचुरी‘ आंध्र में स्थित है।
  • राज्सय में समुंद्र तल से सबसे ऊँचा बिंदु अरमा कोंडा (Arma Konda) है जो 1680 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह आंध्र प्रदेश का नही बल्कि पूर्वी घाट का सबसे ऊँचा बिंदु भी है।
  • कृष्णा और गोदावरी नदिया राज्य की सबसे प्रमुख नदिया है। गोदावरी दक्षिण भारत की सबसे लंबी और चौड़ी नदी है।
  • राज्य की तट रेखा गुजरात (1600) के बाद सबसे लंबी है। (972 किलोमीटर)
  • अनंतपुर राज्य का सबसे बड़ा जिला है और आबादी के हिसाब से ईस्ट गोदावरी
  • विशाखापटनम जिले का लांबासिंगी गांव दक्षिण भारत का कश्मीर कहलाता है क्योंकि दक्षिण में यह एकलौती जगह है जहां पर बर्फ़बारी होती है। यह गांव समुंद्र तल से महज़ 1000 मीटर ऊँचा है।

आंध्र प्रदेश से जुड़े सांस्कृतिक और सामाजिक तथ्य

  • चितूर जिले मे स्थित तिरूपति भारत के पवित्र शहरों में से एक है। शहर में एक ऊँची पहाड़ी तिरूमाला पर प्रसिद्ध तिरूपति बाला जी का मंदिर स्थित है।

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  • अनंतपुर जिले के लेपाक्षि गांव में स्थित भगवान शिव की नंदी गाय की विशाल प्रतिमा आकर्षण का एक मुख्य केंद्र है।
  • श्रीशैलम में स्थित मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। इसे दक्षिण का कैलाश कहते है।
  • विजयवाड़ा के मोगराजापुरम में स्थित गुफाओं में बनी भगवान शिव की प्रतिमाएं देखने लायक है।
  • 1951 में हैदराबाद में बनाया गया चारमिनार आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

आंध्र प्रदेश की आर्थिकता से जुड़े रोचक तथ्य

  • खेतीबाड़ी राज्य के लोगों की रोज़ीरोटी का मुख्य जरिया है।
  • चावल यहां की मुख्य फसल है, आंध्र प्रदेश को ‘भारत का चावल का कटोरा‘ भी कहते है।
  • यह राज्य भारत के कुल मछली उत्पादन में 10 प्रतीशत योगदान देता है।
  • आंध्र प्रदेश कई तरह के खनिज़ भंडारों से भरा पड़ा है जैसे कि कच्चा तांबा, मैगनीज़, कोला और चूना पत्थर।
  • तुमालापल्ली (Tummalapalli) गांव की खानें (mines) युरेनियम से भरपूर हैं।
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Comments

  1. anuj

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