अगर अच्छी जिंदगी जीनी है तो सिर्फ इन फिल्मों को देखना होगा !

फिल्मों का समाज पर प्रभाव

filmo फिल्मों

Friends, India में हर साल तरह – तरह की एक हज़ार से भी ज्यादा फिल्में रीलीज़ होती है। इन फिल्मों से हमारा जीवन बहुत ज्यादा प्रभावित होता है।

यह एक मनोवैज्ञानिक सच है कि हम जिस तरह के माहौल में रहते है उसका हमारी जिंदगी पर Positive जा Negative effect पड़ता है।

परंतू आज टीवी ओर सिनेमा के युग में आने वाली फिल्में और सीरीयल भी हमारी जिंदगी को उतना ही प्रभावित करते है जितना कि हमारा माहौल हमें प्रभावित करता है।

एक तरह से देखा जाए तो आज टीवी सिनेमा हमारी जिंदगी को हमारे माहौल से ज्यादा प्रभावित करते है क्योंकि लोगों का मेलजोल दूसरे लोगों से कम और टीवी से ज्यादा हो रहा है।

परंतु दुखद बात यह है कि मनोरंजन के नाम पर टीवी और सिनेमा Positive effect कम और negative effect ज्यादा डाल रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर आप 60 से 80 के दशक की फिल्मों को देखोगे तो पाओगे की फिल्म की अधिकतर नायिका (Heroine) साड़ी या सूट पहनती थी और यही आम महिलाए भी पहनती थी। उस समय खलनायिकाए ही स्कर्ट, स्लेक्स, और अंग प्रदर्शन करने वाले कपड़े पहनती थी। बाद की फिल्मों मे नायिकाओ ने यह भेद मिटा दिया। अब आप कपड़े देख कर नहीं पहचान सकते की यह नायिका है या खलनायिका। अब यही कपड़े आम महिलाएँ भी पहन रही है। कहने का अर्थ यह है की फिल्मे आम जन जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। आज की पीढ़ी भी नायक, नायिकाओं का फैशन को follow कर रहे हैं।

ऐसी ही एक दूसरी उदाहरण है जिसमें एक फिल्म मे जैकी श्राफ मैकेनिक बने थे और एक अमीर लड़की जो अपनी कार ठीक कराने आती है, दोनों प्यार मे डूब जाते हैं। अब उन्ही दिनो की बात है, हमारे पड़ोस मे एक डाक्टर के घर के बाहर सड़क पर एक स्कूटर मैकेनिक अपनी दुकान लगा कर काम करता था और डाक्टर की बेटी अपना स्कूटर उससे ठीक करवाती थी, एक दिन दोनों घर छोड कर भाग गए।

आजकल की फिल्मों ने तो हद ही पार कर दी है। आज भारत का अधिकतम युवा नशा करते, लड़की पटाते और भाईगिरी करते हुए ज्यादा दिखते है, ये सब बॉलीवुड का असर है। आज बॉलीवुड में सिर्फ भाईगिरी और रोमांस ही दीखता है। अपराधियों और डॉन को बढ़ा चढ़ा कर दिखाते है जिससे युवा का मन अपराध करने के लिए करता है। आज ऐसा भी दिन आ चुका है की अब लोग पोर्नस्टार को भी समर्थन कर रहे है.

इस तरह से हम देख सकते है कि फिल्मों ने सामाजिक जीवन को बिगाड़ के रख दिया है। इसमें सुधार लाने की आवश्यक्ता है।

ऐसी फिल्में बनाने की जरूरत है जो लोगों में सकारात्मकता (positivity) फैलाए तथा देशभक्ति की भावना पैदा करे।

अमेरिका इस बात को बखूबी जानता है इसलिए वह देशभक्त फिल्में बनाने के लिए फिल्म निर्माताओं को सबसिडी भी देता है। अगर आप अमेरिका में बनी फिल्में देखेंगे तो पाएंगे कि हर दूसरी तीसरी फिल्म में यही सिद्ध किया जाता है कि – America is the Greatest Country. अगर पृथ्वी पर कोई एलिएन अटैक होता है तो वह हमला अमेरिका पर ही होता है और अमेरिका ही पूरी दूनिया को बचाता है।

पर सुखद बात यह कि भारत में भी ऐसी बहुत सारी फिल्में बनी है जिनका समाज तथा युवा – वर्ग पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

इस पोस्ट में हम आपको ऐसी ही फिल्मों की लिस्ट देंगे। यह कोई परिपूर्ण लिस्ट नही है ब्लकि मेरे दिमाग में जो भी अच्छी फिल्म आती गई मैं उसका नाम लिखता गया। अगर आपको लगता है इस लिस्ट में ऐसी कोई फिल्म नही है जिसे होना चाहिए था तो आप उसके बारे में कमेंट में बता सकते हैं।

Modern Hindi Films

A to E

Airlift, Agnipath, Ajjnabi, Akira, Baby, Big Brother, Border, Chennai Express, Commando – A One Man Army, Chandni Chownk to China, Chak De India, Dhoom 2,

F to J

Gajni, Gabbar Is Back, Gadar – Ek Prem Katha, Holiday, Indian, Jo Bole So Nihal, Jurm, Jaani Dushman,

K to O

Koi Mil Gya, Krissh , Krissh – 3, Khiladi, Khiladiyon Ka Khiladi, International Khiladi, Sabse Bada Khiladi, Mr, & Mrs. Khiladi, Main Khiladi Tu Anari, Ladla, Loafer, Lagan, LOC Kargil, Mangal Panday, Ma Tujhe Salam, Nayak, Mohenjo-daro, Netaji Subhas Chandra Bose: The Forgotten Hero, O God Tusi Great Ho,

P to Z

Pardesh, Queen, Robot, Rowdy Rathore, Rustom, Singham, Sooryavansham, Three Idiots, The Legend of Bhagat Singh (Ajay Devgan), 23rd March 1931: Shaheed (Bobby Deol) , Shivaay, Tumare Hawale Vatan Sathiyo, Taare Zameen Par, Vivah, 16 December

Classical Hindi Films – पुरानी फिल्में

Classical Films में से हम किसी भी फिल्म का नाम नही देंगे क्योंकि उनमें से 90 प्रतीशत फिल्में अच्छी है और हम कोई खास बुरा प्रभाव नही डालती।

South Films – Dubbed in Hindi

filmo फिल्मों

Aparichit, Bahubali, Chennai Vs China, Diler, Dhasaavtar, Mass – A One Man Army, Linga, The Real Jackpot, Shivaji – The Boss

अगर आपको इस पोस्ट में मेरे विचार अच्छे लगे तो कृपा अपना सार्थक कमेंट जरूर दीजिएगा। आलोचनाओं का भी स्वागत है।

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Comments

  1. By Ashish

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  2. By Sabhimani

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  4. By gursewak gill

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  5. By हिमांशु कुमार

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  6. By bishekh tiwari

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  7. By NITIN

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  8. By navneet

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  10. By FAREED KHAN

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  11. By Amzad Ansari

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      • By Anonymous

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  12. By Amzad Ansari

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  14. By Asmal multani

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  15. By Cp gupta

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  16. By ramesh

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  17. By vinod Bhabhar

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  18. By parveen gujjar

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  19. By mukesh kumar

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  20. By sebastian hansda

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    • By Deepti

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  21. By Rochak Bhasin

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  22. By Rahul kumar bharti

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  23. By Laeek khan

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  24. By Brajesh kumar

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  25. By jyoti

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    • By rahul sharma

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  27. By saroj

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  28. By brijendra kumar

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  29. By Hariom

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  30. By Aman

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  33. By Bobby walia

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  34. By Bobby walia

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  36. By Anonymous

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  37. By vikash kumar

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  38. By mahendra yadav

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  39. By madhu chauhan

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  40. By Manjeet kumar

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  41. By Pankaj verma

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  42. By Anonymous

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  44. By ABHIJIT

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  46. By Kishan kanhaiya

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  47. By Purav

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  50. By dinesh kasbe

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  51. By ravi kumar

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      • By akk

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  52. By Shahrukh

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  53. By ramniwas jha

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  56. By Shahnawaz Alam

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  57. By Amit

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  58. By Dev choudhary

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  59. By Dev choudhary

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  60. By Damaram dhaka

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  61. By riyaz ahmad

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  62. By Anonymous

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  63. By Jagdeep Singh

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      • By Jagdeep Singh

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  64. By Garvit Joshi

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  65. By Pankaj Kumar

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  66. By Sooraj singh

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  67. By Dinesh Akhadiya

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  69. By aakash dewangan

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  70. By थान सिंह धाकड़

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  71. By sajid

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  72. By manish

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  74. By Akshu Tyagi

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