About Pluto in Hindi – प्लुटो ग्रह के बारे में 10 जानकारियां

About Pluto in Hindi – प्लुटो ग्रह के बारे में 10 जानकारियां

Pluto in hindi

Pluto ग्रह का न्यु हारीजांस यान द्वारा लिया गया चित्र

Pluto एक बौना ग्रह (Dwarf Planet) है। पहले Pluto को भी एक ग्रह माना जाता था परन्तु 24 अगस्त 2006 में इसे अंर्तराष्ट्रिय खगोल संगठन (IAU) ने ग्रहों के वर्ग से निकाल दिया और एक ‘बौने ग्रह’ का दर्जा दे दिया।

प्लुटो ग्रह की रूपरेखा – Planet Pluto Profile

द्रव्यमान (Mass) : 13050 अरब किलोग्राम
व्यास : लगभग 2372 किलोमीटर
ज्ञात उपग्रह : 5
सूर्य से दूरी : 587 करोड़ 40 लाख किलोमीटर या 39.26 AU (1 AU = पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी।)
एक साल : पृथ्वी के 246.04 साल के बराबर

प्लुटो ग्रह के बारे में रोचक तथ्य – Facts of Pluto in Hindi

1. Pluto सौर मंडल के ग्रहों के सात उपग्रहों से छोटा है, जिन्में पृथ्वी का चंद्रमां भी शामिल है। प्लुटो पृथ्वी के चाँद के व्यास का 65 % और द्रव्यमान का मात्र 18% है।

2. Pluto की कक्षा बहुत ही ज्यादा अंडाकार है जिसके कारण प्लुटो लगभग बीस साल नेप्चुन के मुकाबले सूर्य के ज्यादा निकट रहता है। हाल ही में यह जनवरी 1979 से फरवरी 1999 तक नेप्चुन के मुकाबले सूर्य के ज्यादा निकट रहा।

3. Pluto का एक तिहाई भाग जल बर्फ से बना है जो पृथ्वी पर मौजूद पानी से तीन गुणा ज्यादा है। इसका बाकी का दो तिहाई भाग चट्टानों से बना हुआ है। इसके चमकदार क्षेत्र नाईट्रोजन की बर्फ के साथ कुछ मात्रा में मिथेन, इथेन और कार्बनमोनोआक्साईड की बर्फ़ से ढंके है।

4. Pluto का वायुमंडल निश्चित नही है। जब यह सूर्य के निक्ट होता है तो इस पर जमी हुई नाईट्रोजन, मिथेन और कार्बन मोनोआक्साईड गैसो में तबदील हो जाती है पर सूर्य से दूर होने पर यह फिर से जम जाती है और इसका कोई वायमंडल नही रहता। वैज्ञानिक चाहते है कि इस ग्रह पर यान तब भेजा जाए जब इस का वायुमंडल न हो।

5. प्लुटो के अब तक 5 उपग्रह जा चंद्रमा खोजें जा चुके हैं। यह इस तरह से हैं-

  • Charan (शेरान) – 1978 में खोजा गया
  • Hydra and Nix (हायड्रा और निक्स) – दोनो को 2005 में हब्बल दूरबीन द्वारा खोजा गया।
  • Kerberos or P4 (कर्बरोस या पी4) – 2011 में खोजा गया।
  • Styx or P5 (स्टिक्स या पी5) – 2012 में खोजा गया।

6. प्लुटो के पास अभी तक एक ही अंतरिक्ष यान पहुँच पाया है और वह है ‘न्यु हारीजांस’ (New Horizons). यह यान 19 जनवरी 2006 को लांच किया गया था और 14 जुलाई 2015 को कुछ ही घंटो के लिए प्लुटो के पास से गुजरा। इस यान ने इतने से समय में ही इस ग्रह की कई तस्वीरे लीं और कई गणनाएँ भी की। इन तस्वीरों में साफ़-साफ़ दिख रहा है कि प्लुटो पर कई बर्फ़ीली पर्वत श्रंखलाएँ हैं। इसके सिवाए यह भी पता चला कि प्लुटो का आकार अनुमान से बड़ा है।

7. न्यु हारीजांस द्वारा प्लुटो के पास से गुजरते समय ली गई कुछ तस्वीरे नीचे दी गई है। इन तस्वीरों को लेते समय प्लुटो और यान के बीच की दूरी 18000 किलोमीटर थी। सभी तस्वीरे नासा की वेबसाइट से ली गई हैं।

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इस तस्वीर में Pluto का 1250 किलोमीटर चौड़ा भाग दिख रहा है जिसमें उसकी बर्फीली चोटियां और बर्फ के समतल मैदान दिख रहे हैं

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इस तस्वीर में भी प्लुटो की 3500 मीटर तक ऊँची बर्फीली चोटियां और समतल मैदान दिख रहे हैं

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इस में प्लुटो का 185 किलोमीटर चौड़ा भाग दिख रहा है

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इस तस्वीर में प्लुटो का एक बहुत ही बड़ा बर्फ का मैदान दिखाया गया है

8. प्लुटो की खोज युरेनस और नेप्चुन की गति के आधार पर की गई गणना में गलती के कारण हुई। इस गलती के अनुसार युरेनस और नेप्चुन की कक्षा पर अन्य कोई पिंड (X) प्रभाव डालता है। वैज्ञानिक क्लायड टामबाग इस गलती से अनजान थे और उन्होंने सारे आकाश का सावधानीपूर्वक निरीक्षण कर प्लुटो को खोज़ निकाला।

9. किंतु प्लुटो की खोज के तुरंत पश्चात पता चला कि यह ग्रह इतना छोटा है कि किसी दूसरे ग्रह की कक्षा पर प्रभाव नही डाल सकता।

10. वैज्ञानिको को इस गणना की गलती का पता तब तक नही चला जब तक कि वायेजर 2 से प्राप्त आंकडो से यह स्पष्ट नही हो गया कि युरेनस और नेप्चुन की कक्षाएँ न्युटन के नियमों का पालन करती है और उन पर कोई अन्य X ग्रह प्रभाव नही डालता। वैज्ञानिक इस X ग्रह को Pluto की खोज के बाद भी वायेजर 2 से लिए गए आँकड़ो के प्राप्त होने तक खोजते रहे। लेकिन यह X ग्रह मिलना ही नही था क्योंकि कोई X ग्रह था ही नहीं।

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Comments

  1. By parmar karan

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