Neptune in Hindi – नेपच्यून ग्रह के बारे में 11 जानकारियां

Neptune in Hindi – नेपच्यून ग्रह के बारे में जानकारी

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नेप्चून ग्रह – Neptune Planet

नेपच्यून या वरूण ग्रह सूर्य से दूरी अनुसार आंठवा ग्रह है। क्योंकि अब प्लुटो को ग्रह नही माना जाता तो हम इसे सौर मंडल का अंतिम ग्रह भी कह सकते है। व्यास के आधार पर यह सौर मंडल का चौथा सबसे बड़ा और द्रव्यमान (वज़न) के हिसाब से तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है।

नेपच्यून ग्रह की रूपरेखा – Profile of Neptune Planet in Hindi

द्रव्यमान (Mass) : 1,02,410 खरब अरब किलोग्राम (पृथ्वी से 17.15 गुणा ज्यादा)
सूर्य से औसतन दूरी : 449 करोड़ 83 लाख 96 हज़ार 441 किलोमीटर (30.10 AU)
एक साल : पृथ्वी के 164.79 साल या 60,190 दिन के बराबर
भू-मध्य रेखिए व्यास : 49,528 किलोमीटर
ध्रुवीय व्यास : 48,682 किलोमीटर
भू-मध्य रेखिए घेरा : 1,55,600 किलोमीटर
सतह का औसतन तापमान : -201°C
ज्ञात उपग्रह : 14
ज्ञात छल्ले : 5

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पृथ्वी और नेपच्यून के आकार की तुलना (Image source – Space-Facts.com)

नेपच्यून ग्रह के बारे में रोचक तथ्य – Facts of Neptune Planet in Hindi

1. Neptune पृथ्वी से बहुत ज्यादा दूर होने के कारण नंगी आँखों से एक टिमटिमाते तारे की तरह नज़र आता है जिसके कारण प्राचीन लोग इसके ग्रह होने की खोज़ नही कर सके।

2. नेप्चून पहला ग्रह है जिसके होने का अनुमान गणितीय आधार पर लगाया गया था। जब वैज्ञानिको ने युरेनस की कक्षा का अध्ययन किया तो उन्होंने पाया कि युरेनस की कक्षा न्युटन के सिद्धांतो का पालन नही करती। इससे अनुमान लगाया गया कि कोई अन्य ग्रह युरेनस की कक्षा को प्रभावित करता है।

3. फ्रांस के ले वेरीएर (Le Verrier) और इंग्लैंड के एडम्स (John Couch Adams) ने स्वतंत्र रूप से बृहस्पति, शनि और युरेनस की स्थिती के आधार पर नेप्चून के स्थान की गणना की। 23 सितंबर 1846 को इस ग्रह को गणना किए गए स्थान के पास खोज निकाला गया। (Source – www.rochhak.com)

4. नेप्चून की खोज़ के बाद इस ग्रह की खोज के श्रेय के लिए एडम्स और ले वेरीयर के बीच विवाद उतपन्न हो गया। इसके बाद नेप्चून की खोज का श्रेय इन दोनो वैज्ञानिकों को दिया गया। पर बाद में किए गए अध्ययनों से पता लगा कि इन दोनो वैज्ञानिकों द्वारा लगाए गए नेप्चून के स्थान से वह विचलित हो जाता है और उन के द्वारा की गए गणना के स्थान पर नेप्चून का मिलना एक संयोग मात्र था।

5. इससे पहले भी जब गैलीलीयो बृहस्पति का अध्ययन कर रहे थे तो उन्होंने नेप्चून को बृहस्पति के पास देखा था जिसे उन्होंने अपने द्वारा बनाए गए चित्रों में अंकित किया। उन्होंने दो रातो तक नेप्चून को एक तारे के संदर्भ में अपना स्थान बदलते हुए देखा, परंतु बाद की रातों में नेप्चून गैलीलीयो की दूरबीन के दृश्यपटल से दूर चला गया। यहां पर ध्यान रखने वाली बात है कि आकाश में केवल तारे गति करते नज़र नही आते केवल ग्रह, उपग्रह और उल्का आदि ही गति करते नज़र आते हैं। यदि गैलीलीयो ने पहले की कुछ रातो को नेप्चून को देखा होता तो उन्हें इसकी गति नज़र आ जाती और इस ग्रह की खोज का श्रेय गैलीलीयो को मिलता।

6. Neptune की संरचना लगभग युरेनस की तरह ही है। युरेनस की तरह ही यह मुख्यतः चट्टान और विभिन्न तरह की बर्फ से बना है। हांलाकि नेप्चून का रंग युरेनस से ज्यादा नीला है।

7. इस ग्रह का ‘नेप्चून’ नाम प्राचीन रोमन धर्म में संमुद्र के देवता माने जाते ‘नेप्चून’ पर रखा गया है। प्राचीन भारत में यही स्थान ‘वरूण देवता’ का है इसलिए इसे हिन्दी में वरूण कहा जाता है। (Source – www.rochhak.com)

8. अब तक नेप्चून के 14 उपग्रह(चांद) खोजे जा चुके है जिनमें से ट्राईटन (Triton) सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण है। यदि युरेनस के सभी उपग्रहों के द्रव्यमान को जोड़ दिया जाए तो वह ट्राईट के द्रव्यमान के आधे से भी कम होगा। ट्राईटन सौर मंडल का सांतवा सबसे बड़ा उपग्रह है। यह मुख्यत नाईट्रोजन से बना हुआ है और सौर मंडल की सबसे ठंडी जगहों में से एक है।

9. अन्य गैसी ग्रहों की तरह Neptune के भी छल्ले है। अब तक इसके 5 छल्लों की खोज हो चुकी है। न्युटन के छल्ले बृहस्पति के छल्लों की तरह धुंधले है और पृथ्वी पर से किसी दूरबीन द्वारा देखे जाने पर यह टूटे हुए(चाप की तरह) नज़र आते हैं।

10. नेप्चून गैसो और बर्फ से बनी एक विशाल गेंद की तरह है जिस पर यदि आप खड़े होंगे तो इसके नीचे चले जाएँगे। पर यदि मान लें कि आप इस की सतह पर चल सकें तो आप हैरान हो जाएँगे क्योंकि आप यह महसूस करेगें कि जैसे आप पृथ्वी पर ही चल रहे हों। इसका कारण है कि नेप्चून का गुरूत्व पृथ्वी के गुरूत्व से मात्र 17 प्रतीशत ज्यादा है। यह गुरूत्व किसी भी अन्य ग्रह के मुकाबले पृथ्वी से सबसे ज्यादा कम अंतर में है।

11. अब तक केवल एक ही अभियान Neptune तक पहुँच पाया है। वायेजर 2 अंतरिक्ष यान 1989 में नेप्चून तक पहुँचा था जिसने इस ग्रह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां भेजी। इसने इस ग्रह और इसके उपग्रहों की कई तस्वीरे भेजी। इसके सिवाए हब्बल दूरबीन और पृथ्वी पर स्थित कुछ दूरबीनो ने भी इस ग्रह के बारे मे जानकारी जुटाई है।

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Tags : neptune in hindi , neptune planet in hindi

Comments

  1. anil binjhekar

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  2. janavi raj shava

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